अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया देवास का गौरव,,
मनीष वैद्य को प्रतिष्ठित आयोजन में मिला अंतर्राष्ट्रीय सम्मान,,
मनीष वैद्य की कृति 'वांग छी' बनी वर्ष 2024 की सर्वश्रेष्ठ कृति
देवास, 2 मार्च. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देवास को गौरव मिला, जब स्थानीय कथाकार की किताब को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कृति को सर्वश्रेष्ठ सम्मान प्रदान किया गया। वक्ताओं ने इस अवसर पर देवास नगर की रचनाशीलता को भी रेखांकित किया।
संगीत, साहित्य, ललित कलाओं और संस्कृति के लिए ख़ास पहचाने जाने वाले देवास शहर के कथाकार मनीष वैद्य की कृति 'वांग छी' को वर्ष 2024 के लिए एक प्रतिष्ठित समारोह में अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान से अलंकृत किया गया।
वरिष्ठ लेखक पद्मश्री डॉ ज्ञान चतुर्वेदी, टैंगोर विश्वविद्यालय पीठ के कुलाधिपति डॉ संतोष चौबे, प्रख्यात फ़िल्म अभिनेता यशपाल शर्मा, अयोध्या के राजघराने के राजकुमार होने के साथ-साथ लता मंगेशकर, गुलज़ार पर बेमिसाल किताबें रचने वाले कलावंत यतींद्र मिश्र जैसे अतिथियों के हाथों यह सम्मान श्री वैद्य को प्रदान किया गया। संचालन वरिष्ठ कथाकार पंकज सुबीर ने किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने मनीष वैद्य की रचना प्रक्रिया पर बात करते हुए कहा कि उनकी कहानियों में हमारे आज का दौर धड़कता है। वे समय को अपना क़िरदार बनाते हैं। छूटे हुए लोग और छूटा हुआ समय उनकी कहानियों में आवाजाही करते हैं। इनमें हमारे बीच से लगातार छीजती हुई मनुष्यता और ख़त्म होती संवेदनाएँ उभरकर आती हैं। बड़े फलक की ये कहानियाँ देश-विदेश की सीमाओं से परे जाकर एक वृहत्तर मानवीय संसार का ख़ाका खींचती हैं। समारोह में वरिष्ठ कवि और दूरदर्शन के पूर्व निदेशक लीलाधर मंडलोई ने देवास की रचनाशीलता पर बात करते हुए कुमार गन्धर्व, चित्रकार अफज़ल, नवगीत के संस्थापक नईम और कथाकार प्रभु जोशी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देवास प्रारम्भ से ही कला, संगीत और साहित्य की सृजनात्मक भूमि रही है। इसकी शस्य श्यामला भूमि में कला, संगीत, साहित्य और संगीत फलता-फूलता रहा है। यहाँ का वातावरण ही रचनात्मक है।
उल्लेखनीय है कि 'वांग छी' को इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर के सम्मान मिल चुके हैं।

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