द हिमालय एकेडमी में
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का हुआ भव्य आयोजन
देवास: दिनांक 25 जुलाई, शनिवार को द हिमालय एकेडमी में भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर सम्पूर्ण विद्यालय परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना मंत्रोच्चार एवं महाआरती से हुआ। विद्यार्थियों ने पारंपरिक भारतीय वेशभूषा धारण कर कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आकर्षक ढंग से सुसज्जित भगवान श्री जगन्नाथ के रथ के साथ विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में भव्य शोभायात्रा निकाली। यात्रा के दौरान जग जगन्नाथ जयघोष से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा में विद्यार्थियों ने भजन-कीर्तन, संकीर्तन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था व्यक्त की। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, सुसज्जित रथ तथा अनुशासित सहभागिता ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ा दी। उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने इस आध्यात्मिक आयोजन का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व की जानकारी भी प्रदान की गई। उन्हें बताया गया कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, समर्पण, समानता, सद्भाव, सहयोग एवं सामाजिक एकता का प्रेरणादायी संदेश देने वाला महापर्व है। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परम्पराओं के संरक्षण तथा अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना, अनुशासन, सामाजिक समरसता तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना का विकास करते हैं। विद्यालय सदैव शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी समान महत्व देता रहेगा।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्री जगन्नाथ के महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने भगवान श्री जगन्नाथ से समस्त मानव समाज के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।

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