देवास। शहर सीनियर क़ाज़ी मौलाना इरफ़ान अहमद अशरफ़ी साहब की सरपरस्ती और क़ाज़ी नौमान अहमद अशरफ़ी साहब की निगरानी में हर माह चांद की 28वीं तारीख़ को शाही जामा मस्जिद में हज़रत मख़्दूम सुल्तान सय्यद अशरफ़ जहांगीर सिमनानी रदी अल्लाहु अंहु की याद में महफ़िले रूहानी फ़ातेहा ख़्वानी सलातो सलाम ख़ुसूसी दुआ़ और लंगर का आयोजन होता है। महफ़िले रूहानी में उमराह पर जाने वाले ग़य्यूर बेग , शफ़ीक़ क़ुरैशी , जुनैद बेग उबैद बेग का साफ़ा बांधकर हार पहनाकर इस्तकबाल किया गया। इस मौके पर क़ाज़ी नौमान अहमद अशरफ़ी ने सभी को मुबारकबाद दी और सभी से कहा कि काबे के सामने और रोज़ए रसूल के सामने रसूले करीम के वसीले से उम्मते मुस्लिमां के लिए और हमारे मुल्क की तरक्की और अम्नो अमान के लिए जरूर दुआ़ करें। पीरे तरीक़त हज़रत सूफ़ी मुख़्तार अशरफ़ अशरफ़ी , मुफ़्ती ज़रीफ़ अहमद अशरफ़ी , सूफ़ी सोहैल अशरफ़ अशरफ़ी , मुफ्ती आज़म अशरफ़ी , मौलाना यूसुफ़ बाबा अशरफ़ी , हाफ़िज़ राशिद क़ादरी , मुनव्वर हुसैन शाजापुरी बब्बू ख़ान अशरफ़ी, शकील पठान पत्रकार, डॉ फ़हीम अहमद अशरफ़ी, और सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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