देवास - राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर अमलतास वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन महोदय के मार्गदर्शन में अमलतास इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी, अमलतास यूनिवर्सिटी, देवास में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस भारत में फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्रॉफ की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्थान की प्राचार्य डॉ. नीलम खान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और दवाओं के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य अतिथि एवं अतिथि वक्ता डॉ. सुमीत द्विवेदी, प्रोफेसर, एक्रोपोलिस इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में विभिन्न हेल्थकेयर प्रैक्टिशनर्स की भूमिकाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस वर्ष की थीम "Future Pharma Ecosystem: Fostering Synergy among Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice" पर विस्तृत व्याख्यान दिया और बताया कि फार्मेसी के विकास के लिए शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान, नियामक संस्थाओं और प्रैक्टिस के बीच समन्वय अत्यंत
आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित अमलतास विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री संजय रामबोले ने फार्मेसी के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंतर्गत सेमिनार, पोस्टर प्रस्तुति, क्विज प्रतियोगिता तथा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और छात्रों को फार्मेसी के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के सभी शिक्षक और छात्र सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन छात्रा निर्जला चावड़ा ने किया।

0 Comments