देवास में बिजली अधिकारी-कर्मचारियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल,,
मांगें पूरी नहीं होने पर भोपाल में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी
देवास। मध्य प्रदेश विद्युत कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से नाराज मध्यप्रदेश विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मंच (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त मंच ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को देवास जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासन का ध्यान आकर्षित किया। मंच ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा का दर्जा देने सहित कई प्रमुख मांगें
संयुक्त मंच द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में विद्युत कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों के हितों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें चुनावी घोषणा-पत्र के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा का दर्जा देने, भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण एवं 30 बोनस अंक प्रदान करने अथवा हरियाणा की तर्ज पर आउटसोर्सिंग नीति लागू करने की मांग प्रमुख रही।
इसके साथ ही जोखिम भत्ते को 1,000 से बढ़ाकर 3,000 प्रतिमाह करने, गैर-ईएएसआईसी जिलों में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने तथा वर्ष 2009 से 2018 के पूर्व नियुक्त संयंत्र सहायकों, परीक्षण सहायकों एवं समकक्ष पदों की वेतन विसंगतियां दूर कर तीन वेतनवृद्धियां प्रदान करने की मांग भी उठाई गई।
मंच ने उच्च शिक्षा प्राप्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए भी न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अंतर्गत बी.ई./बी.टेक धारक कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता के पदों पर तथा डिप्लोमा धारकों को कनिष्ठ अभियंता के रिक्त पदों पर सीधी नियुक्ति देने की मांग रखी गई।
अन्य प्रमुख मांगों में निर्धारित समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण पूर्ण करना, बिना जांच किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को सेवा से नहीं हटाना, ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त कर लोकेशन संबंधी तकनीकी समस्याओं का समाधान करना तथा सेवारत विद्युत कर्मचारियों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 25 प्रतिशत छूट प्रदान करना शामिल है।
तीन चरणों में होगा आंदोलन, भोपाल में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
ज्ञापन सौंपने के बाद संयुक्त मंच के पदाधिकारियों ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। 16 अक्टूबर 2026 को सभी विद्युत गृहों, कंपनी मुख्यालयों एवं जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 26 अक्टूबर 2026 को राजधानी भोपाल में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। 03 नवंबर 2026 को मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में भोपाल से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की जाएगी।
संयुक्त मंच ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध निराकरण करने की अपील की, ताकि विद्युत कंपनियों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके और आंदोलन की स्थिति निर्मित न हो।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर भगवान स्वरूप श्रीवास्तव महामंत्री पश्चिम क्षेत्र बिजली कर्मचारी महासंघ, कुलदीप सिंह राजपूत जिला अध्यक्ष मध्य प्रदेश बाह्य स्त्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन ,प्रकाश चौरसिया सचिव पक्षे बिजली कर्मचारी महासंघ, राकेश देवड़े कार्यालय मंत्री,भारत पिछोलिया, श्रीराम पाटीदार सहित संयुक्त मंच के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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