देश में देवास जिले को अव्वल बनाने की कवायद तेज़,,,
देवास: जिले को वर्षाजल संग्रहण की दिशा में पूरे देश में अव्वल बनाने की कोशिशें अब तेज़ हो चुकी हैं. बारिश के बाद से ही लगातार ज़मीनी स्तर पर जल संरचनाओं के लिए अमृत संचय अभियान की मुहिम शुरू हो चुकी है. इस बार जिले में जहाँ भी ज़रूरी होगा, जल संरचनाएँ बनाकर बारिश के पानी की बूँद-बूँद को सहेजने के काम को प्राथमिकता से किया जाएगा. राष्ट्रीय स्तर पर देवास को मिले जल सम्मान के 25 लाख रुपए राशि का उपयोग भी जिले में नयी संरचनाओं के निर्माण में किया जाएगा. इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है.
यह बात जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने अमृत संचय अभियान की टीम से जिले में जल संवर्द्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए कही. देशभर में देवास के नौवें स्थान पर आने के बाद मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव तथा पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने भोपाल में जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह तथा जिला पंचायत सीईओ सुश्री ज्योति शर्मा का सम्मान करते हुए देवास में और अधिक पानी के काम किए जाने की संभावना पर जोर दिया.
अमृत संचय अभियान की टीम के डॉ सुनील चतुर्वेदी, गंगासिंह सोलंकी, समीरा नईम, श्रीकांत उपाध्याय, हिमांशु कुमावत तथा श्रीराम कुमावत आदि ने इस सफलता के लिए कलेक्टर ऋतुराज सिंह का स्वागत किया. कलेक्टर श्री सिंह ने संकल्प दोहराया कि जिले को वर्षा जल संग्रहण में पूरे देश में अव्वल बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे. बारिश के बाद से ही ज़मीनी जल संरचनाओं के लिए अमृत संचय अभियान ने मुहिम शुरू कर दी है. फरवरी से इसे और तेज़ किया जाएगा. इस बार जिले में जहाँ भी ज़रूरी होगा, जल संरचनाएँ बनाकर बारिश के पानी की बूँद-बूँद को सहेजने के काम को प्राथमिकता से किया जाएगा. राष्ट्रीय जल सम्मान में मिले 25 लाख रुपए राशि का उपयोग भी जिले में नयी संरचनाओं के निर्माण में किया जाएगा. इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है.ब्लू स्टार अवार्ड एवं चित्रकला शिविर का आयोजन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में आयोजित होगा.
सभी संस्थानों में जल संरचनाएँ अनिवार्य-
जिले की सभी इंडस्ट्रीज, होटल, हॉस्पिटल, मैरिज गार्डन, वेयर हाउस, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सरकारी एवं निजी स्कूल-कॉलेज परिसरों और शासकीय भवनों तथा लोगों के घरों में जल संवर्धन संरचनाएँ अनिवार्य रूप से स्थापित करने के लिए जल्दी ही निर्देश जारी किए जाएँगे ,यह मुहिम देश में देवास जिले को मॉडल बनने के साथ जल-प्रबंधन को नई दिशा देने के साथ आने वाले वर्षों में सतत जल-उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा.

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