देवास। महारानी पुष्पमाला राजे पवार शासकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के अंतर्गत दिनांक 10 दिसंबर को विश्व मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष में प्राचार्य डॉ जी डी सोनी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों बाल कल्याण एवं न्याय समिति के सदस्य वीना महाजन, रुचिता तिवारी एवं रितु तिवारी तथा महाविद्यालय प्राध्यापक डॉ अनीता भाना, डॉ वर्षा जायसवाल एवं डॉ क्रांतदर्शी सिंदल के द्वारा माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर उत्साह पूर्वक किया गया। कार्यशाला की शुरुआत करते हुए डॉ वर्षा जायसवाल ने पोक्सो एक्ट( यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) एवं विश्व मानव अधिकार दिवस मनाए जाने के उद्देश्य एवं भूमिका पर प्रकाश डाला। रुचिता तिवारी ने छात्राओं को पोक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे (लड़के या लड़की) के विरुद्ध कोई यौन अपराध या उत्पीड़न, दुर्व्यवहार या बाल पोर्नाेग्राफी रखना या बनाना जैसे अपराध होने पर पुलिस को शिकायत मिलते ही तुरंत एफआयआर दर्ज कर कार्यवाही की जाती है एवं अपराधियों को कड़ी सजा का प्रावधान है साथ ही बाल संरक्षण, शिक्षा एवं आत्मरक्षा और किशोरावस्था के समय आने वाली चुनौतियों के संबंध में चर्चा की। वीणा महाजन ने मानव अधिकारों के महत्व को समझाते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को जन्म से स्वतंत्रता समानता एवं सुरक्षा के अधिकार प्राप्त हैं इनका सम्मान एवं संरक्षण जरूरी है साथ ही महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा को बनाए रखने एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया। रितु तिवारी ने बच्चों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया कि यह संकटग्रस्त बच्चों की मदद एवं सुरक्षा के लिए किसी भी वयस्क यथा माता-पिता, शिक्षक या आम नागरिक द्वारा 24 घंटे में कभी भी डायल किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में मानव मूल्यों की रक्षा, समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मौलिक अधिकारों को बढ़ावा देने तथा उनकी रक्षा का संकल्प लिया गया। कार्यशाला का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ क्रांतदर्शी सिंदल द्वारा किया गया एवं आभार डॉ अनीता भाना ने माना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

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