देवास। 15 मार्च को मध्यप्रदेश लेखक संघ देवास इकाई की तृतीय सरस् काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर विक्रम सिंह गोहिल ने की, मुख्य अतिथि देवकृष्ण व्यास, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि ओंकारेश्वर गेहलोत एवं विनोद मण्डलोई द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन किया गया । संस्था अध्यक्ष सुरेन्द्र हमसफ़र ने उपस्थित कवियों का स्वागत करते हुए संस्था के उद्देश्यों से अवगत कराया । राज बैरागी द्वारा माँ सरस्वती की सुंदर वंदना एवं नवोदित कवियत्री छाया कानूनगो के काव्यपाठ से शुरू हुई। काव्यरस बरसात को वरिष्ठ गीतकार दादा देवकृष्ण व्यास के गीतों तक एवं अध्यक्षीय उदबोधन तक पहुँचने में ढाई घण्टे का समय लगा । इस दौरान विनोद मण्डलोई, राजेन्द्र तिवारी नीलम, दिलीप मांडलिक, विजय जोशी,नरेन्द्र नवगोत्री,राजेश चौधरी, ओम प्रकाश यादव, आरती अक्षय गोस्वामी,कनिष्का भावसार,साधना टोककर, अमित राव पंवार,अमरप्रीत खनूजा लकी, राज बैरागी,देव निरंजन,जय प्रकाश जय, सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र, रघु नामदेव आदि कवि कवियत्रियों ने अपने एक से बढ़कर एक गीत- ग़ज़ल, हास्य-व्यंग्य की रचनाओं से काव्यगोष्ठी को बहुत उत्कृष्टता प्रदान की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विक्रम सिंह गोहिल ने कहा कि इस तरह की काव्य गोष्ठियाँ होती रहना चाहिए , इससे नए कलमकारों को अपने वरिष्ठ कवियों व गीतकारों से बहुत सीखने को मिलता है। कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव युवा शायर जय प्रकाश जय ने किया, आभार संस्था अध्यक्ष सुरेन्द्र हमसफ़र ने किया। जलपान व चाय के साथ अगली गोष्ठी तक के लिए कार्यक्रम का समापन हुआ ।

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