आपकी इच्छा पूरी हो जाएं यह प्रभु कृपा है इच्छा पूरी नहीं हुई ये प्रभु की इच्छा है - महामंडलेश्वर भास्करानंद जी
देवास। मानव के श्रेष्ठ कर्म उसे महा मानव बनाती है किंतु नर से नारायण की यात्रा का मार्ग श्रीमद भागवत दिखाती है।धन हो किंतु लोभ न हो वो श्रेष्ठ मनुष्य है श्रेष्ठता धन से नही धन के सदुपयोग से प्राप्त होती है। अभिमान पद प्रतिष्ठा को नष्ट करती है अंहकार शौर्य और माधुर्य का नष्ट करता है। हमारी सनातन संस्कृति सिर्फ जीवन जीने के नहीं बल्कि प्रभु भक्ति और सेवा धर्म के आनंद से जीने की है।आपकी इच्छा पूरी हो जाए यह प्रभु कृपा है , कोई इच्छा पूरी हुई है तो यह प्रभु की इच्छा है । ईश्वर भक्तों की उसी इच्छा को पूरी करता है जिसमें उसका हित है । यह आध्यात्मिक विचार चौत्र नवरात्रि में केला देवी मंदिर में हो रही संगीतमय श्री मद भागवत कथा के विश्राम दिवस पर भागवताचार्य महामंडलेश्वर भास्करानंद जी ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहे । आपने बताए सुदामा कोई गरीब ब्राह्मण नहीं था ।जो ब्राह्मण सखा को सर्वाेच्च मानता है वो निर्धन नहीं होता है। आपने उज्जैन की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोग भाग्य शाली है जहां महाकाल और शक्ति की छत्रछाया में रहते है। उज्जैन इस श्रृष्टि का श्रेष्ठ नगर है जहां जगत पति भगवान कृष्ण का गुरुकुल एवं ससुराल है इसलिए मालवा कीर्ति बनी हुई है। हमे हमेशा इष्ट के साथ पंचदेव की पूजा करना चाहिए। कथा मे गुरुदेव जीवन दर्शन के अनेक सूत्र को बताते हुए आध्यात्मिक गाथाओं का सुंदर वर्णन किया। व्यास पीठ की पूजा कथा आयोजक मन्नूलाल गर्ग , गणेशीलाल सिंघल,अनामिका दीपक गर्ग, समिति संयोजक रायसिंह सेंधव, समिति अध्यक्ष दुर्गेश अग्रवाल, अश्विन गोयल इंदौर ,रमन शर्मा, वीणा महाजन एवं परिवार ने की। आरती में देवास के आध्यात्मिक संत इंदरसिंह नागर, राष्ट्रीय कवि देवकृष्ण व्यास , महापौर गीता अग्रवाल , जे के विजय , संघ के अशोक गुप्ता, कैलाश चंद्रावत बीएनपी के सेवानिवृत अधिकारी राजेश पटेल, संजय शर्मा, कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज राजानी , ओपी तापड़िया, गणेश पटेल , अमित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या महिला पुरुषों ने कथा का श्रवण किया । आरती पश्चात समस्त श्रोताओं ने माह प्रसादी ग्रहण की। संचालन चेतन उपाध्याय किया आभार दीपक गर्ग ने माना।

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