देवास। गाजरा गियर्स कंपनी से श्रमिकों को कथित रूप से जबरन बाहर किए जाने के विरोध में भारतीय मजदूर संघ (भामसं) ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। संघ ने कंपनी से निकाले गए श्रमिक सालिकराम सखलेचा और चंद्रशेखर चौहान को पुनः कार्य पर रखने की मांग उठाई। भामसं जिलाध्यक्ष धनंजय गायकवाड़, मप्र कंस्ट्रक्शन मजदूर महासंघ के प्रदेश महामंत्री एवं इंजीनियरिंग श्रमिक संगठन संयोजक लोकेश विजयवर्गीय तथा महामंत्री महेंद्र सिंह परिहार के नेतृत्व में कलेक्टर ऋतुराज सिंह को दिए गए आवेदन में बताया गया कि कंपनी द्वारा श्रमिकों को बिना नोटिस दिए बाहर किया जा रहा है, जिसका संघ पुरजोर विरोध करता है। आवेदन में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2025-26 में करीब 50 श्रमिकों को डरा-धमकाकर कंपनी से बाहर किया गया। इसी तरह 7 मार्च 2026 को श्रमिक चंद्रशेखर चौहान को कंपनी में बुलाकर एचआर जेपी सिंह द्वारा कथित रूप से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया और गेट बंद करने की चेतावनी दी गई। संघ का कहना है कि कंपनी द्वारा पहले ही 13 मशीनें दूसरी जगह स्थानांतरित कर दी गई हैं। साथ ही वर्ष 2023 से श्रमिकों को बोनस और भत्ते का समझौता भी नहीं दिया गया, जो श्रम नियमों का उल्लंघन है। संघ ने कंपनी पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने का भी आरोप लगाया है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम विभाग को नोटिस जारी कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पिछले एक वर्ष में कंपनी से कितने श्रमिकों को निकाला गया, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। भामसं नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि श्रमिकों का शोषण बंद नहीं हुआ और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

0 Comments