उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय “शाला प्रवेशोत्सव-2026” कार्यक्रम हुआ आयोजित,,
देवास 01 अप्रैल 2026 [शकील कादरी] उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने देवास शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-03 में 'स्कूल चलें हम' अभियान के तहत नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल, पुस्तकें एवं पाठ्य सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, जिला अध्यक्ष श्री राय सिंह सेंधव, श्री दुर्गेश अग्रवाल, श्री संजय दायमा, श्री भेरूलाल अटारिया, श्री राजेश यादव, कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती ज्योति शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार, अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, एसडीएम श्री अभिषेक शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एच.एस. भारती, डीपीसी श्री अजय मिश्रा, श्री राम यादव, श्री अर्जुन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण, शिक्षकगण व बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शाला-प्रवेशोत्सव 2026-27 के अवसर पर सभी बच्चों को नवीन शिक्षण सत्र की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में पहुंचकर उनके अपने बचपन की यादें ताजा हो गईं। उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि आज उपस्थित सभी बच्चे अत्यंत भाग्यशाली हैं। प्रदेश सरकार द्वारा अब प्रत्येक बच्चे को स्कूल भवन, खेल का मैदान, ड्रेस, पुस्तकें एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहले ऐसी सुविधाएं नहीं थीं, परंतु विपरीत परिस्थितियों में भी विद्यार्थी अथक परिश्रम एवं कड़ी मेहनत से अपने लक्ष्य तक पहुंच जाते थे। आज ईश्वर की कृपा एवं प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से शैक्षिक व्यवस्थाएं अत्यंत सुदृढ़ हो गई हैं।
उपमुख्यमंत्री ने सनफॉर्मा कंपनी को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि कंपनी सीएसआर निधि के माध्यम से बच्चों की शिक्षा के लिए कई उल्लेखनीय कार्य कर रही है। इन कार्यों से बच्चों को पढ़ाई में और अधिक सहायता मिलेगी तथा वे भविष्य में देश की उन्नति में सक्रिय भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि जन-सहयोग से स्कूल निर्माण एवं अस्पताल विकास सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि यहां उपस्थित सभी बच्चे प्रतिभावान हैं और ये देश का भविष्य हैं। इनमें से कोई डॉक्टर, वैज्ञानिक, बड़ा अधिकारी अथवा इंजीनियर बनेगा। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। आज अभिभावक कठिन परिश्रम एवं त्याग कर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए बाहर भेजते हैं। बच्चों को अपने माता-पिता की भावनाओं एवं त्याग को सार्थक करना चाहिए तथा अपने लक्ष्य को उद्देश्य मानकर पूर्ण लगन से उसे प्राप्त करना चाहिए। यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। यदि यह समय गंवा दिया तो भविष्य में केवल पछतावा ही रह जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बच्चों की तुलना गीली मिट्टी से करते हुए कहा कि उन्हें जिस रूप में ढाला जाए, वे वैसे ही ढल जाते हैं। माता-पिता के बाद बच्चे को शिक्षित करने वाला शिक्षक होता है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें उत्तम मुकाम तक पहुंचाएं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। अपने बड़ों का आदर-सम्मान करें, स्वच्छता बनाए रखें, समय पर अपना कार्य पूर्ण करें, ड्रेस व्यवस्थित रखें तथा समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें। ये सभी गुण आदर्श विद्यार्थी की पहचान हैं। अनुशासित जीवन जीने वाले बच्चे जीवन में कभी असफल नहीं होते। अंत में उपमुख्यमंत्री ने अपने गुरुओं को स्मरण करते हुए कहा कि आज जो कुछ भी वे हैं, वह अपने गुरुओं के आशीर्वाद एवं मेहनत की बदौलत हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे कहीं मिल जाते है तो सबसे पहले उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेता हूं। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों की स्कूल में पढ़ाई पर निरंतर ध्यान रखें। वे अपने बच्चों के स्कूल में समय-समय पर जाते रहे एवं देंखे कि उनके बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है, स्कूल में क्या व्यवस्थाएं हैं तथा वहां का वातावरण कैसा है। इस दौरान उन्होंने बच्चों से वार्ता भी की।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने सभी बच्चों को नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 में शाला-प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि आज बहुत खुश नुमा समय है, जब बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। स्कूल में प्रवेश के बाद बच्चों की भविष्य की दिशा तय होती है कि वह आगे क्या बनेगा। इसलिए सभी बच्चे स्कूल में प्रतिदिन आएं, अच्छे से पढ़ाई करें। यहां पर पढ़ाई के साथ-साथ नई तकनीक को भी सीखें जो कि भविष्य में काम आएगी। आप सभी अपनी पढ़ाई पर विशेष फोकस करें। स्कूल में पढ़ाई के माध्यम से नई-नई जानकारी प्राप्त कर उच्च शिक्षित बने और अपना, अपने माता-पिता और शिक्षकों का नाम देश-विदेश में रोशन करें।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने “शाला प्रवेशोत्सव” कार्यक्रम में संबोधित किया तथा बच्चों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने “शाला प्रवेशोत्सव” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। कक्षा प्रथम में प्रवेश करने वाले नवीन बच्चों को पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कक्षा 9वीं की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल वितरित की। उन्होंने नि:शुल्क पुस्तकें भी वितरित की। ओलंपियॉड प्रतियोगिता में देवास जिले के प्राथमिक शाला डिडाली खातेगांव की कक्षा चतुर्थ के विद्यार्थी मनन लोवंशी द्वारा ओलंपियॉड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया एवं तथा प्राथमिक विद्यालय लोहार पीपल्या की कक्षा द्वितीय की छात्रा वैदिका पटेल द्वारा ओलंपियॉड प्रतियोगिता में प्रदेश में 5वां प्राप्त किया गया। इनकी उपलब्धी पर उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान जिला स्तरीय ओलंपियॉड में 32 विजेता को भी सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। उल्लेखनीय है कि मनन लोवंशी राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभागी के रूप में मुंबई में शामिल होंगे एवं जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने सनफॉर्मा कंपनी द्वारा सीएसआर मद से विद्यालय में ई-कंटेन के साथ एलईडी पैनल लगाई, जिसका शुभारंभ किया गया। इस दौरान सनफॉर्मा द्वारा किए गए रेनोवेशन कार्य एवं स्पोर्ट्स ग्राउंड (किट) एवं साइंस लैब का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने कंपनी द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए सनफॉर्मा कंपनी के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने छात्रावास का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 एक अप्रैल से शुरू हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे "स्कूल चलें हम" अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। यह 4 अप्रैल तक चलेगा। अभियान में प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम होंगे।

0 Comments