देवास। शासकीय विद्यालय गुराडिया रूपा से 39 वर्ष 8 माह की सेवा शिक्षा देकर सेवानिवृत्त हुए हेमराज मोठिया सर का अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद एवं संत शिरोमणि भिखारी दास मंदिर सेवा समिति ने उनका गरिमामय समारोह में नागरिक अभिनंदन किया गया और उन्हें उत्कर्ष कार्य के लिए परिषद ने अभिनंदन पत्र और साफा साल से अभिनंदन किया। प्रोफेसर भागीरथ सिंह मालवीय ने भी शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया तथा संत शिरोमणि भिखारी दास मन्दिर समिति द्वारा प्रतिक स्वरुप संत शिरोमणि की विशाल प्रतिमा तस्वीर भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राजेंद्र रामकिशन मालवीय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आप हमेशा प्रसन्न रहें स्वस्थ रहें और शिक्षा प्रदान करते रहे आपने जो शासकीय विद्यालय में कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान की उससे बड़ा कोई उपकार नहीं वह बालक आपको कभी नहीं भुल सकता। समाज अध्यक्ष सोनकच्छ प्रहलाद सिंह बिजोनिया ने भी हेमराज मोठिया सर के स्वभाव मिलनसार और उनके द्वारा किए गए शिक्षा कार्य की भुरी भुरी प्रशंसा की। संत शिरोमणि भिखारी दास मंदिर समिति के संयोजक जयराम सिंह मालवीय ने भी संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें सामाजिक उत्थान के लिए ऐसे बुद्धिजीवी की बहुत आवश्यकता है । साथ ही उन्होंने समाज जनों से आग्रह किया कि अपने सामाजिक संत शिरोमणि भिखारी दास महाराज के मंदिर निर्माण कार्य चल रहा है उसमें आप तन-मन धन से सहयोग करें। डॉक्टर मुन्ना सरकार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोठिया सर अपने लम्बे अनुभव का लाभ सामाजिक और राजनीतिक कार्य में मिलेगा। परिषद के अध्यक्ष आत्माराम परिहार ने मोठिया सर ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है उनकी प्रथम नियुक्ति देवास जिले के आखरी गांव सतवास से पांच किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय में हुईं थीं जहां साईकिल भी नहीं जा पातीं थी और वो पेदल चलकर पढ़ाने जाते थे और अपने हाथ से खाना बनाते थे और अति पिछड़े हुए क्षेत्र में उन्होंने शिक्षण कार्य किया है और दस वर्ष तक रहें। उसके बाद सोनकच्छ के आस पास अपनी शिक्षणक सेवा दी हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है कि वे सदा स्वस्थ और मस्त रहे। परिषद के महामंत्री कांतिलाल सोलंकी, कमलसिह चौहान, संत शिरोमणि भिखारी दास महाराज मंदिर समिति के अध्यक्ष राजाराम परमार, पुर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह बामनिया, ईश्वर सिंह मालवीय, समंदरसिंह मालवीय और हेमराज परमार ने भी सम्बोधित किया। गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया। आभार केशर सिंह चौहान ने व्यक्त किया।
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