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जिले में जल स्त्रोतों एवं तालाबों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करें-कलेक्टर श्री‍ सिंह----------- जिले के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपने घरों पर रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग लगाएं------------ “जल गंगा संवर्धन अभियान” में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायत को किया जाएगा पुरस्कृत------------ नरवाई जलाते हुए पाए जाने पर संबंधित पर करें एफआईआर दर्ज, वसूलें भारी जर्माना-कलेक्टर श्री सिंह ------ कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित*

जिले में जल स्त्रोतों एवं तालाबों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करें-कलेक्टर श्री‍ सिंह
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जिले के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपने घरों पर रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग लगाएं
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“जल गंगा संवर्धन अभियान” में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायत को किया जाएगा पुरस्कृत
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नरवाई जलाते हुए पाए जाने पर संबंधित पर करें एफआईआर दर्ज, वसूलें भारी जर्माना-कलेक्टर श्री सिंह
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कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित*
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      देवास, 02 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती ज्योति शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार, अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री संजीव  जैन, सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
*कलेक्टर श्री सिंह की संवेदनशीलता: पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता के दिए निर्देश*

    बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रीष्म ऋतु के चलते पेयजल की समस्या से ग्रसित ग्रामों के निराकरण के लिए एमपीईबी को निर्देश दिए कि वे ग्राम पंचायतों में विद्युत की कटौती न करें। जिससे ग्रामों में ग्रीष्म ऋतु में पीने के पानी की पर्याप्त उपलब्धता रहे। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि पेयजल स्त्रोतों का तुरंत अधिग्रहण किया जाएं ताकि उनपर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो पाए और नागरिकों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके। उन्होंने पीएचई विभाग को निर्देश दिए कि जिले में बंद नल कूपों की जांच करें एवं शीघ्र दुरूस्त किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि पीने के पानी का उपयोग अन्य जरूरी उपयोगों में न किया जाएं। इसके लिए वैकल्पिक जल स्त्रोतों के पानी का उपयोग किया जाएं। उन्होंने कहा कि नेमावर वाटर सप्लाई के लिए निर्माणाधीन पानी की टंकी कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएं ताकि नागरिकों शीघ्र की उपलब्धता हो सकें। 

*जल स्त्रोतों के संवर्धन एवं जीर्णोद्धार के लिए कार्य योजना तैयार*

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जल संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” का शुभारंभ 19 मार्च से हो गया है जो कि 30 जून तक संचालित होगा। अभियान अंतर्गत पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के साथ-साथ, रूफ वाटर हॉर्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जाएं। कलेक्ट-र श्री सिंह ने जल स्त्रोतों के संवर्धन एवं जीर्णोद्धार की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिले में अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी पोर्टल भी समय सीमा में अपलोड करें। 
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग, खेत तालाब,  चेक डेम स्टॉप डेम, पेरकॉलशन टैंक, कूप रिचार्ज, कंटूर ट्रेंच, रिचार्ज पिट, नाला बंधान,  बोरवेल रिचार्ज आदि का कार्य करें। उन्होंने कहा कि समस्त कार्यों को जनभागीदारी से किये जाने हेतु ग्राम पंचायतों को प्रेरित करें। ग्राम पंचायतों को अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। जिसमें 300 संरचनाओं के पूर्ण करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रथम  पुरस्कार 5 लाख की राशि दी जायेगी, दूसरे स्थान के लिए 3 लाख एवं तृतीय स्थान के लिए 2 लाख की प्रोत्शाहन राशि पुरुस्कार स्वरूप दी जायेगी एवं व्यक्तिगत रूप से सरपंच एवं सचिव को 10 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। कलेक्टरर श्री सिंह ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को प्रभावी और परिणाममूलक बनाएं। उन्हों ने मैदानी स्तर पर कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जनसहभागिता संबंधी गतिविधियों में जोड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के तहत सभी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी अपने घरों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं, जिससे नगर एवं ग्राम पंचायत में लोगों में जागरूकता आएं तथा वे भी अपने घरों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाएं। इसके लगने लाखों लीटर पानी की बचत होगी। बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी विभाग जल संचय के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए ब्लू स्टार वाटर अवॉर्ड सर्टिफाइट बने। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र में सभी जल स्त्रोतों, तालाबों से अतिक्रमण मुक्त कराएं। इसके लिए शीघ्र कार्य प्रारंभ कर दें। 

*जिले के किसान नरवाई प्रबंधन के लिए हो रहे जागरूक*

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले के किसानों को नरवाई न जलाने के प्रति जागरूक किया जाएं। किसानों को नरवाई से होने वाले नुकसान से अवगत कराएं तथा नरवाई प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताएं। उन्होंने कहा  कि जिले में किसानों को यह भी बताया जाएं कि यदि कोई भी किसान नरवाई जलाते हुए पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी तथा जुर्माना भी वसूला जाएगा। जिसमें 2 एकड़ से कम भूमि है तो 2500 रुपए, 2 एकड़ से 5 एकड़ के लिए 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर आग लगने पर 15000 रुपए तक का जुर्माना लगेगा। 

*स्कूलों की साफ-सफाई एवं रंग रोगन का कार्य करें पूर्ण*

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि 01 अप्रैल से नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नवीन शिक्षण सत्र में विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी भी प्रकार समस्याएं नहीं आएं इसके लिए तैयारी प्रारंभ कर दें। निर्माणाधीन स्कूल भवनों को शीघ्र तैयार कर उनमें कक्षाएं लगाना प्रारंभ करें। उन्होंने स्कूल के रंग-रोगन, साफ-सफाई एवं अन्य जरूरी कामों को करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित छात्रावासों को सुव्यस्थित किया जाएं, वहां पर साफ-सफाई, रंग-रोगन एवं पर्याप्त बेड की व्यवस्था की जाएं जो भी तैयारियों हैं उन्हें शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान यदि कमी पाई गई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण हो गया है, बच्चों को शिफ्ट कराकर पढ़ाई वहां प्रारंभ करें।

*गेहूं उपार्जन के लिए सभी तैयारियां करें पूर्ण*

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं उपार्जन की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य 10 अप्रैल से प्रारंभ होने वाला है। इसके लिए जिले में उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से गेहूं उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए तथा किसानों के लिए पेयजल, छाया, टोल कांटा, बारदान सहित अन्य तैयारियों पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने उपार्जन के लिए पंजीकृत किसानों के सत्यापन की स्थिति की जानकारी ली और कहा कि यदि नाम में भिन्नता आती है तो उन किसानों का पुन: पंजीयन कराया जाएं।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अप्रैल से नवीन वित्तीय वर्ष का प्रारंभ हो गया है। सभी विभाग अपने विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए कार्य योजना बना लें एवं विभागीय लक्ष्यों के अलावा भी नवाचार करते हुए जिले के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य करें। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु में पौधारोपण करने के लिए तैयारियों अभी से कर लें। इसके लिए सभी विभाग कार्य योजना बना लें। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पौधारोपण करें एवं नवाचार करते हुए कार्बन ग्रीन पर कार्य करें। 
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा की। अभियान के तहत दर्ज प्रकरणों, स्वीकृत और अस्वीकृत प्रकरणों एवं उनके निराकरण की विस्तृत जानकारी ली एवं निर्देश दिए कि लंबित स्वीकृत प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की तथा निर्देश दिए सभी विभाग लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ए-ग्रेड में आए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करें।

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