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सकारात्मक सोच ही जीवन की दिशा और दशा बदलती है- बी.के. भगवती दीदी

सकारात्मक सोच ही जीवन की दिशा और दशा बदलती है- बी.के. भगवती दीदी 
देवास। औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित संस्थान आयशर मोटर्स के परिसर में कर्मचारियों एवं प्रबंधन के लिए एक विशेष आध्यात्मिक सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें सकारात्मक जीवन शैली, तनाव मुक्ति विषय पर प्रकाश डालने के लिए राजयोग अनुभूति केंद्र, मोती बंगला से सेवा केंद्र प्रभारी बी.के भगवती दीदी तथा सोनकच्छ सेवा केंद्र प्रभारी बी. के सोनाली दीदी को आमंत्रित किया। इस मौके पर बी.के भगवती दीदी ने बताया, कि सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास बढ़ता है और आत्मविश्वास से कुछ कर गुजरने का साहस पैदा होता है। इसी साहस से उत्पन्न बल से व्यक्ति कठिन से कठिन समस्या को सुलझा लेता है। वर्तमान समय जितनी भी समस्याएं हैं उन सबका कारण है नकारात्मक सोच। नकारात्मक सोच से तनाव बढ़ता है। तनाव मुक्त बनने के लिए सकारात्मक विचार संजीवनी बूटी है। बीके सोनाली दीदी ने अपने संबोधन कहा कि वर्तमान समय में कॉर्पोरेट जगत में बढ़ता तनाव काम की अधिकता के कारण नहीं, बल्कि विचारों के गलत प्रबंधन के कारण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम बाहरी परिस्थितियों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं और वे हमारे अनुसार नहीं होतीं, तो मन में तनाव (टेंशन) पैदा होता है। सकारात्मक विचार से ही मुक्ति संभव है। जिस प्रकार एक बीमार न होने वाले व्यक्ति को पूरा स्वस्थ नहीं कहा जाता है उसी प्रकार एक नकारात्मक सोच न रखने वाले व्यक्ति को सकारात्मक सोच वाला नहीं कहा जा सकता। सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों की एक अलग ही पहचान होती है। 19वीं सदी तर्क की थी, 20वीं सदी प्रगति की रही और 21वीं सदी तनाव पूर्ण होगी। ऐसे तनावपूर्ण परिस्थितियों में तनाव से मुक्त होने सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया, कि मन में लगातार चलने वाले नकारात्मक विचारों से दिमाग में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थ उतरकर शरीर में आ जाते हैं। इनसे अनेक बीमारियां होती हैं। मन के नकारात्मक विचारों से मनोबल, आत्मबल कमजोर बन जाता है।
आपने जोर दिया कि दूसरों को बदलने की कोशिश करने से बेहतर है कि हम अपनी प्रतिक्रियाओं और विचारों पर नियंत्रण रखें। आत्म-चिन्तन और शांति से ही उत्पादकता में वृद्धि संभव है। औद्योगिक वातावरण में काम के दबाव के बीच मन को शांत रखने के लिए उन्होंने 'राजयोग' और 'मैडिटेशन' के सरल सूत्र साझा किए। संस्था का परिचय कोमल बहन के द्वारा दिया गया।

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