देवास। जिले में गेहूं उपार्जन कार्य को लेकर सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश सहकारी संस्थाऐं कर्मचारी महासंघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के जिला अध्यक्ष ठा. जवालसिंह सैंधव ने जिला प्रशासन पर बिना दोष संस्था कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया है। महासंघ द्वारा जिलाधीश एवं जिला उपार्जन समिति अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि खातेगांव अनुभाग अंतर्गत सेवा सहकारी संस्था तिवड़िया द्वारा एमएम वेयर हाउस बेहड़ी रोड खातेगांव में गेहूं उपार्जन कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सर्वेयर के नाम पर किसान से रुपए लेने का मामला सामने आया। जांच के लिए गठित संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें किसान भुजराम पिता किसनलाल ने बताया कि लोकेश जाट नामक व्यक्ति ने गेहूं एफएक्यू करने के नाम पर 1500 रुपए लिए तथा रुपए नहीं देने पर गेहूं रिजेक्ट करने की धमकी दी। जांच प्रतिवेदन में सर्वेयर को दोषी माना गया, लेकिन संस्था प्रबंधक हरिओम पंवार की संलिप्तता नहीं पाए जाने के बावजूद जिला आपूर्ति अधिकारी दिनेश अहिरवार द्वारा उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई गई। महासंघ ने आरोप लगाया कि पुलिस को गलत जानकारी देकर संस्था प्रबंधक का नाम प्रकरण में जोड़ा गया। जिला अध्यक्ष ठा. जवालसिंह सैंधव ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी पहले से ही अत्यंत विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। एक कर्मचारी पर कई उपार्जन केंद्रों का प्रभार है और साथ ही अन्य संस्थागत कार्य भी कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की जा रही है, जिससे पूरे जिले के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सर्वेयर नागरिक आपूर्ति निगम का कर्मचारी होता है, जिस पर जिला प्रबंधक नान का नियंत्रण रहता है, फिर भी संस्था कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में कई उपार्जन केंद्रों पर कर्मचारियों के साथ मारपीट और अभद्रता की घटनाएं हुईं, लेकिन शिकायतों के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि संस्था कर्मचारी हरिओम पंवार को शीघ्र दोषमुक्त नहीं किया गया, तो 20 मई 2026 से जिले की सभी सहकारी संस्थाओं में गेहूं खरीदी, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, खाद वितरण, वसूली एवं राशन दुकान सहित सभी कार्य पूर्णतः बंद कर दिए जाएंगे। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए और भयमुक्त वातावरण में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष इंदर सिंह गौड, जिला संरक्षक बहादुर सिंह भाटी, धर्मेंद्र सिंह चौबारा जागीर, हरेन्द्र सिंह जामगोद, कमलेश गुर्जर, मुकेश मण्डलोई, सत्यनारायण चौधरी, सोनू पाटीदार, राजकुमार बढ़िया मांडू, महेंद्र तवर,जितेंद्र राजावत, राम जीवन विश्वकर्मा, राजेश राजपूत, जुगल चौधरी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

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