गर्भवती महिलाओं के ए.एन.सी. पंजीयन में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं – कलेक्टर श्री सिंह,,
एसडीएम एवं खंड चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त टीम झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध कार्यवाही करें,,
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित
देवास, 11 मई 2026 [शकील कादरी] कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के ए.एन.सी. पंजीयन में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में एक विशेष अभियान चलाकर प्रथम तिमाही में ही शत-प्रतिशत पंजीयन का लक्ष्य हासिल करें। कलेक्टर श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि कोई भी गर्भवती महिला ए.एन.सी. पंजीयन में छूटने न पाए।
मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान समय रहते की जाए और उन्हें उचित चिकित्सा परामर्श व संस्थागत प्रसव की सुविधा सुनिश्चित कराई जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिन महिलाओं की डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें समय से पहले अस्पताल में भर्ती कराया जाये। जिससे डिलीवरी के समय होने वाली भागदौड़ और तनाव से बचा जा सकेगा। अस्पताल के सुरक्षित वातावरण और चिकित्सा कर्मियों की मौजूदगी से गर्भवती महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मानसिक रूप से तैयार रहती हैं। यदि प्रसव के दौरान या उससे पहले कोई जटिलता आती है, तो डॉक्टर तुरंत सहायता प्रदान कर सकेंगे, जिससे जोखिम कम हो जाएगा। केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम होने से मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
एसएनसीयू में 04 चिकित्सा अधिकारियों और 4 नर्सिंग ऑफिसर्स की ड्यूटी लगाये
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि प्रति सप्ताह 4 चिकित्सा अधिकारियों एवं 4 नर्सिंग ऑफिसर्स की जिला चिकित्सालय में स्थित एसएनसीयू में एक-एक हफ्ते की ड्यूटी लगाई जाए, जहां वे इस संबंध में प्रशिक्षण प्राप्त करें। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि एसएनसीयू का चाइल्ड रेफर व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें सभी सम्बंधितों को जोड़ें। एसएनसीयू में ड्यूटी डॉक्टर्स के मोबाइल नंबर प्रसव केंद्रों तक सभी को शेयर करें ताकि गर्भवती महिलाओं में प्रसव के दौरान होने वाली किसी भी समस्या के संबंध में तत्काल निर्देश प्राप्त हो सके और उन्हें प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित सेवाएं दी जा सकें।
दूध अटकने से होने वाली मृत्यु को कम करने की समीक्षा
कलेक्टर श्री सिंह ने शिशु मृत्यु के कारणों में दूध अटकने से होने वाली मृत्यु को कम करने की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि गांव की महिलाओं जिसमें गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, उनकी माताओं को सुरक्षित एवं आरामदायक वातावरण में किस प्रकार स्तनपान कराया जाए इसका प्रशिक्षण प्रदान करें तथा शिशु को दूध पिलाने के बाद डकार दिलाना सिखाएं। कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी निर्देशित किया कि समस्त एएनएम को मासिक प्रशिक्षण दिया जाए, जिसमें वीएचएनडी में स्तनपान के सही तरीके समझाना शामिल हो। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता द्वारा वीएचएनडी के दिन शाम के समय प्रत्येक ग्रामों में चौपाल लगाई जाए। जिसमें कम से कम 25 महिलाएं सम्मिलित हों और जिसमें अन्य महिलाओं समेत वह भी महिलाएं हों जिनके यहां प्रसव होने वाले हैं, इन महिलाओं को ठीक प्रकार से स्तनपान कराने का तरीका सिखाया जाए।
प्रसव केंद्र पर एक महिला कार्यकर्ता को प्रशिक्षण दें
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक प्रसव केंद्र पर एक महिला कार्यकर्ता को इस प्रकार प्रशिक्षण प्रदाय किया जाए कि वह स्तनपान का प्रशिक्षण देने में पूर्णत: दक्ष हों। इनकी ड्यूटी लगाई जाए और प्रत्येक दिन शाम को प्रसव केंद्र पर आकर संबंधित महिला जिसका प्रसव हुआ है उसे स्तनपान संबंधित प्रशिक्षण प्रदाय करें। इस बात का ध्यान रखा जाए कि यह महिलाएं प्रसव कराने वाली महिला, एएनएम या अन्य कोई स्वास्थ्य कार्यकर्ता ना हों। यह महिलाएं प्रतिदिन काउंसलिंग करेंगी चाहे किसी भी प्रसव संस्था पर एक ही महिला का प्रसव क्यों ना हुआ हो।
समय पर जाँच, केस शीट, पार्टोग्राफ और समय पर रेफरल का विशेष ध्यान रखा
कलेक्टर श्री सिंह ने समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को कहा कि समय पर जाँच, केस शीट, पार्टोग्राफ और समय पर रेफरल का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि विकास खंड के चिकित्सक उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं के संबंध में जिला स्तर के चिकित्सकों से लगातार परामर्श लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि अब कंसल्टेशन आफ हायर ग्रुप की व्यवस्था की जाए। जिसमें टेलीमेडिसिन के माध्यम से वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ परामर्श दें। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की समीक्षा जिला स्तर की वरिष्ठ स्त्री रोग चिकित्सक करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री सिंह ने उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं के संबंध में निर्देश दिये कि स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच एवं सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो और जांचों एवं सोनोग्राफी को कराया जाना आवश्यक है तो संबंधित के परिजनों को जानकारी दें एवं अग्रिम समस्त जांचें कराई जायें ताकि गर्भस्थ शिशुओं को होने वाली जान के खतरे से बचाया जा सके।
नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, एमपीडब्ल्यू झोलाछाप डॉक्टरों की जानकारी कलेक्टर कार्यालय में दें
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं खंड चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा कन्नौद एवं खातेगांव में विशेष रूप से झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाये। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि जिले के सभी नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, एमपीडब्ल्यू झोलाछाप डॉक्टरों की जानकारी कलेक्टर कार्यालय में दें ताकि उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जा सके।
आयुष्मान कार्ड प्रगति, टीबी स्क्रीनिंग, एनआरसी की बेड ऑक्युपेंसी की समीक्षा
कलेक्टर श्री सिंह ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन के ड्राइव की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत से कम उपलब्धि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी बीएमओ को अपने मैदानी कार्यकर्ताओं के साथ प्रयास करने होंगे। बीएमओ मॉनिटरिंग करें, सघन अभियान चलाएं एवं एनसी पंजीयन शत प्रतिशत करें। कलेक्टर श्री सिंह ने गर्भवती महिलाओं में पीआईएच मैनेजमेंट, मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिया में गर्भवती महिलाओं का प्रबंधन, गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल जांच, आयुष्मान कार्ड प्रगति, टीबी स्क्रीनिंग, एनआरसी की बेड ऑक्युपेंसी की भी समीक्षा की।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, एसडीएम टोंकखुर्द श्री संजीव सक्सेना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डॉ आरपी परमार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सुनील तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ मनीषा मिश्रा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी-2 डॉ संतोष कोतकर सहित राष्ट्रीय कार्यक्रमों के कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, अन्य कार्यक्रम अधिकारी बीपीएम एवं बीसीएम उपस्थित थे।

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