आपदा प्रबंधन के लिए जिला मुख्यालय पर 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित करें – कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह,,
जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित
देवास, 03 जून 2026/ [शकील कादरी] कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति एवं आपदा प्रबंधन की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद ने आपदा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, नशा मुक्ति, महिला अपराध रोकथाम, एसटी/एससी अपराध, चिन्हित अपराध, गबन धोखाधडी और अवैध खनन संबंध विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार, अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन, एएसपी श्री जयवीर सिंह भदौरिया, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, एसडीएम देवास श्री अभिषेक शर्मा सहित जिला अधिकारीगण एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और संबंधित विभागों को सभी प्रकार के सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कि बारिश के मौसम में झरनों पर दुर्घटनाओं की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। इसलिए नागरिकों की सुरक्षा के लिए समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले पिकनिक स्पॉट और झरनों पर अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत आवश्यक कार्यवाही करें। पिछले वर्षों में जिन स्थानों पर जलभराव या डूबने की घटनाएं हुई हैं, उनकी सूची बनाई जाए। इन संवेदनशील स्थानों पर जाकर मौका-मुआयना करें और सुरक्षा के इंतजाम करें। खतरनाक स्थलों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने निर्देश दिये कि जिला मुख्यालय पर आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय करें। किसी भी अप्रिय घटना या जलभराव की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम में दर्ज कराई जाएगी ताकि तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके। बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये। बारिश के दौरान जलमग्न होने वाले पुल और पुलियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। पानी होने पर किसी भी नागरिक को पुलिया पार करने की अनुमति नहीं दी जाये। पुल-पुलियों पर प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती की जाये, जो आवाजाही पर नजर रखेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती करें। आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को सतर्क करने और सूचनाएं प्रसारित करने के लिए निगरानी गाड़ियों में पीएस (लाउडस्पीकर) सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाए।
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने कहा कि राहत शिविर के लिए जगह का चिन्हाकन कर लें। प्रभावितों को सहायता प्रदान करने की व्यवस्था करें। महामारियों के रोकथाम चिकित्सा व्यवस्था एवं जल भराव के लिए कार्य योजना बनाए। जर्जर भवनों का एक सप्ताह में चिन्हांकन कर तोड़ने की कार्यवाही करें। बरसात के पूर्व नगरीय क्षेत्रों में नालियों की सफाई अभियान चलाकर करें। एसडीएम और एसडीओपी को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी झरनों और रपटों/पुलियों की विस्तृत सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से उन पुलियों और रपटों को चिन्हित करें जहां थोड़ी सी बारिश होते ही पानी तेजी से ऊपर आ जाता है और रास्ता बंद हो जाता है।
कलेक्टर श्री सिंह निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले जिले की सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत, संधारण और सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं ताकि आमजन को आवागमन में कोई असुविधा न हो। उज्जैन रोड निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि बरसात के मौसम को देखते हुए ही कार्य योजना बनाई जाए। उतना ही काम शुरू किया जाए, जिसे बरसात से पहले सुरक्षित स्थिति में लाया जा सके, ताकि अनावश्यक कीचड़ या ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित न हो। सभी संबंधित एजेंसियां अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर गड्ढे (पैच वर्क) भरने की कार्यवाही बरसात के पूर्व हर हाल में पूरी करें। सड़कों और मोड़ों पर पर्याप्त मात्रा में सूचना बोर्ड, रिफ्लेक्टिव संकेतक लगाए जाएं। रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेडियम और सुरक्षा उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि जिले में रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रेक्टर/ट्रॉलियों पर सुरक्षा की दृष्टि से रेडियम अनिवार्य रूप से लगवाये। ट्रेक्टर और ट्राली में नंबर प्लेट अनिवार्य रूप से होना चाहिए। मंडियों में दल लगाए बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर-ट्राली पर कार्रवाई करें। सभी को सूचना देकर 07 दिनों का समय दें तथा सात दिन की अवधि बीतने के बाद जिले भर में सघन चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई करें। ट्रैक्टर और ट्राली का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य और नंबर प्लेट भी अनिवार्य है। नागरिकों रजिस्ट्रेशन और बीमा कराने के लाभ भी भी बताए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि देवास उज्जैन रोड़ पर देवास, भोपाल जाने के लिए और इंदौर जाने के लिए प्रोपर संकेतक लगाए, जिससे नागरिकों को आवागमन में सुविधा हो। उन्होंने इंदौर-देवास और इंदौर-भोपाल रोड पर अवैध रूप से बनाए गए कट प्वाइंट को बंद करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि यात्री बसों में फायर सुरक्षा के उपक्रमों की गई जांच की जाए। बिना फिटनेस और परमिट के बस संचालित नहीं होनी चाहिए। बसों में किसी भी प्रकार के अवैध संशोधन (बदलाव) को रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा में कमी लाई जाने पर चर्चा हो सके। पी.एम. राहत योजना के मामलों का त्वरित निवारण कर प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिल सके।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि राहवीर योजना और पीएम राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान जान बचाना और घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। पुलिस, स्वास्थ्य और आरटीओ विभाग आपस में समन्वयन कर योजना का लाभ संबंधित को दिलाना सुनिश्चित करें।

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