भारतीय राष्ट्रीय महिला संघ का 72वां स्थापना दिवस मनाया गया, महिला अधिकारों और सामाजिक मुद्दों पर हुई चर्चा
देवास। भारतीय राष्ट्रीय महिला संघ (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमेन) का 72वां स्थापना दिवस कामना नगर स्थित कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा कुमार ने की, जबकि एडवोकेट कुमारी विजय लक्ष्मी अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष निशा सिद्धू सिंह के देश की महिलाओं के नाम संदेश के वाचन से हुआ। संदेश का वाचन करते हुए श्रीमती प्रतिभा कुमार ने कहा कि महिलाओं की दुर्दशा हर जमाने में हर वर्ग और हर धर्म की महिला की रही है। रामायण की चौपाई," शूद्र, गंवार,पशु और नारी। ये सब ताड़न के अधिकारी।।" आज के जमाने में भी आए दिन बाबाओं को जैल होने के बाद भी महिलाओं के प्रति अत्याचार समाप्त नहीं हो रहे हैं। बाबाओं और देश के नेताओं के द्वारा शिक्षा और विज्ञान का प्रचार , प्रसार करने के स्थान पर पाखंड , अंधविश्वास का प्रचार और प्रसार किया जा रहा है। महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है। महिला स्वयं अपने अच्छे बुरे का निर्णय कर सकती है। उसकी ओर से अन्य किसी को फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं हैं। उन्होंने महिलाओं से भारतीय राष्ट्रीय महिला संघ से जुड़ने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। विशेष अतिथि एडवोकेट विजय लक्ष्मी अग्रवाल ने महिलाओं को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कवयित्री चंदा सोनी ने महिला-पुरुष समानता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में बराबरी और सहभागिता की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कन्या भ्रूण हत्या, अंधविश्वास, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के उत्पीड़न जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर प्रगतिशील लेखक संघ की सचिव प्रतिभा कुमार एवं सदस्य चंदा सोनी ने अपनी रचनाओं का पाठ भी किया। प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में इंदौर के रूपांकन वाचनालय को विकास कार्यों के नाम पर प्रभावित किए जाने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही हाल ही में जबलपुर के एक गिरजाघर में हुई घटना की भी निंदा की गई। कार्यक्रम में कॉमरेड सीमा, कॉमरेड रामसेवक जरहा, कॉमरेड शांति चौहान, श्रीमती पाटिल, श्री श्रीवास, कॉमरेड बाबूलाल वागड़े, मांगीलाल कजोड़िया सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। अंत में प्रगतिशील लेखक संघ, देवास के अध्यक्ष कैलाश सिंह राजपूत ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।

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