भाव प्रबल हों तो नियम कायदे गौड़ हो जाते हैं,,
श्री विश्वकर्मा मंदिर परिसर महावीर नगर में चल रही संगीतमय भक्त श्रीमाल की कथा के पांचवे दिन पंडित मधुसूदन नागर ने कहा
देवास। श्री विश्वकर्मा मंदिर परिसर महावीर नगर में चल रही संगीतमय भक्त श्रीमाल की कथा के पांचवे दिन पंडित मधुसूदन नागर ने कहा यदि भक्त का भाव अपने प्रभु के प्रति प्रबल हो तो पूजन, भोग आदि का कोई नियम कायदा नहीं होता है। सारे नियम गौड़ हो जाते हैं। भक्त कर्मा बाई के प्रसंग को सुनाते हुए उन्होंने कहा कर्मा बाई को केवल एक धुन थी समय पर भगवान को भोग लगाना है। चाहे वह स्नान ना करे, हाथ पैर ना धोये लेकिन भोग देरी नहीं होना चाहिए। यह दृश्य दूसरों को अजीब लगा लेकिन कर्मा बाई के भाव प्रबल होने से भगवान ने स्वयं भोग स्वीकार किया।
10 को भक्त माल कथा का समापन, इंदरसिंह नागर के श्रीमुख से अमृतवाणी सत्संग, महाआरती और भंडारा होगा
10 जून बुधवार को श्री विश्वकर्मा मंदिर पर यजमानों द्वारा हवन, पूजन की पूर्णाहूति होगी। इसके बाद मधुसूदन नागर द्वारा भक्त माल कथा दोपहर 1 से 4 बजे तक होगी। इसके बाद अमृत वाणी सतसंग पाठ एवं भजन कीर्तन संस्था श्रीरामशरणम के संस्थापक इंदरसिंह नागर के विशेष सान्निध्य में शाम 4 बजे से रखा गया है। 6 बजे महाआरती और फिर भंडारे में महाप्रसाद का वितरण होगा।
उल्लेखनीय है कि सर्वश्री विश्वकर्मा वंशज देवास, श्री विश्वकर्मा सामाजिक एवं धार्मिक लोक न्यास एवं विश्वकर्मा मंदिर समिति द्वारा सात दिवसीय श्री भक्तमाल कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की व्यवस्था में जुटे सर्वश्री विश्वकर्मा वंशज देवास अध्यक्ष पीडी शर्मा, सचिव ओम प्रकाश पेड़ीवाल, कोषाध्यक्ष राधेश्याम पांचाल, विश्वकर्मा मंदिर समिति अध्यक्ष राकेश शर्मा, जांगिड़ ब्राह्मण महासभा देवास जिलाध्यक्ष पप्पू शर्मा, बसुलाल विश्वकर्मा, सुरेश कारपेंटर, राधेश्याम कारपेंटर, शिवनारायण कारपेंटर, हुकुम शर्मा, लक्ष्मीनारायण ठेकेदार सहित सर्वश्री विश्वकर्मा वंशज महिला मंडल देवास तथा श्री विश्वकर्मा मंदिर समिति महिला मंडल, लोक न्यास मीडिया प्रभारी राजेश एम शर्मा आदि ने आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। यह जानकारी सर्वश्री विश्वकर्मा वंशज समाज देवास के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र पिपलोदिया ने दी।

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