महात्मा फुले के विचारों के नाम हुआ पौधरोपण, सरकारी स्कूल बचाने का लिया संकल्प
देवास, 13 जुलाई। महात्मा ज्योतिराव फुले की जन्म द्विशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में महात्मा ज्योतिराव फुले जन्म द्विशताब्दी वर्ष आयोजन समिति, देवास (म.प्र.) द्वारा मीठा तालाब स्थित वृद्धाश्रम में एक पौधा महात्मा फुले के विचारों के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आम, नीम, पीपल एवं आँवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। समिति के सलाहकार मदनलाल जेठवा ने कहा कि प्रत्येक पौधा सामाजिक परिवर्तन, समानता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले ने ऐसे दौर में जातिवाद, छुआछूत, बाल विवाह, सती प्रथा और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष किया, जब इन कुप्रथाओं को धर्म के नाम पर बढ़ावा दिया जाता था। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया। एडवोकेट राजुल श्रीवास्तव ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख एवं उस्मान शेख ने समाज के विरोध और बहिष्कार के बावजूद महिलाओं एवं वंचित समाज के लिए विद्यालय स्थापित किए। आज उनके जन्म के 200 वर्ष बाद भी शिक्षा के अधिकार की रक्षा का संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालयों को बंद किया जा रहा है तथा देवास जिले के 104 सरकारी विद्यालय भी इस निर्णय से प्रभावित हैं। ऐसे समय में महात्मा फुले के शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को जन-जन तक पहुँचाते हुए स्कूल बचाओ आंदोलन को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को डॉ.मुन्ना सरकार, ओ.पी. बांगड़े एवं एडवोकेट पी.सी. हरोड़े ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर परिषद द्वारा भी पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के सदस्यों द्वारा किया गया तथा अंत में आत्माराम परिहार ने आभार व्यक्त किया। पौधरोपण के उपरांत मीना अली द्वारा वृद्धाश्रम के सभी वृद्धजनों को फल वितरित किए गए। इस अवसर पर संजय रेकवार, कर्नल बाबूलाल मालवीय, एडवोकेट सूर्यकांत चौहान, अनिल मंडलोई, गौरव, सुनीता सिसोदिया, विनोद प्रजापति, रोहित राठौर सहित समिति के अनेक पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
0 Comments