Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Recent Updates

6/recent/ticker-posts

अमलतास हॉस्पिटल ने हार्ट अटैक मरीजों के उपचार में अंतरराष्ट्रीय मानक हासिल करने की और बड़े कदम

अमलतास हॉस्पिटल ने हार्ट अटैक मरीजों के उपचार में अंतरराष्ट्रीय मानक हासिल करने की और बड़े कदम

देवास : अमलतास हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज, देवास ने हार्ट अटैक (STEMI) के मरीजों के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए Door-to-Balloon (D2B) Time 90 मिनट (अस्पताल में प्रवेश से लेकर बैलून एंजियोप्लास्टी शुरू होने तक का समय) लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।
भारत के एक तृतीयक (सुपर स्पेशियलिटी) अस्पताल अमलतास हॉस्पिटल, देवास (म.प्र.) के मेडिसिन विभाग में हार्ट अटैक (STEMI) के मरीजों के लिए अस्पताल पहुंचने से लेकर एंजियोप्लास्टी (बैलून) शुरू होने तक के समय को Door-to-Balloon Time कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी ACC / अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) एवं यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) दिशानिर्देशों के अनुसार यह समय 90 मिनट या उससे कम होना चाहिए, जिससे हृदय की मांसपेशियों को अधिकतम सुरक्षित रखा जा सके, मृत्यु दर कम हो तथा मरीज के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ सके।
अमलतास हॉस्पिटल में मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, कैथ लैब, क्रिटिकल केयर तथा नर्सिंग टीम के समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी। अस्पताल में लागू त्वरित STEMI प्रोटोकॉल, 24×7 कैथ लैब सुविधा, समय पर ECG, शीघ्र निदान, तत्काल कार्डियोलॉजी टीम की सक्रियता तथा बिना विलंब प्राथमिक एंजियोप्लास्टी (Primary PCI) की व्यवस्था ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह उपलब्धि अमलतास हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज, देवास को मध्य प्रदेश में उन्नत हृदय आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने वाले प्रमुख तृतीयक चिकित्सा केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इसी उपलब्धि का एक हालिया उदाहरण कल देखने को मिला जब 55 वर्षीय श्री चंदर, निवासी ग्राम नरवर, जिला उज्जैन, सीने में तेज एवं विशिष्ट दर्द (Typical Chest Pain) की शिकायत के साथ अमलतास हॉस्पिटल पहुंचे।
मेडिसिन विभाग में डॉ. अफज़ल पटेल द्वारा मरीज का तत्काल मूल्यांकन किया गया। नैदानिक परीक्षण एवं ईसीजी के आधार पर तीव्र हृदयाघात (Acute ST-Elevation Myocardial Infarction – STEMI) का शीघ्र निदान किया गया। इसके तुरंत बाद कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष मिश्रा को सूचित किया गया और मरीज को बिना अनावश्यक विलंब कैथ लैब में ले जाया गया।
कैथ लैब में कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद आवश्यकतानुसार प्राइमरी एंजियोप्लास्टी (Primary PCI) सफलतापूर्वक की गई, जिससे अवरुद्ध कोरोनरी धमनी में रक्त प्रवाह शीघ्र बहाल किया गया। समयबद्ध उपचार के कारण मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उसे आगे की निगरानी एवं उपचार के लिए कार्डियक केयर यूनिट में स्थानांतरित किया गया।
कुल मिलाकर, जिन मरीजों की अस्पताल पहुँचने के 90 मिनट के भीतर एंजियोप्लास्टी की गई, उनमें बेहतर परिणाम देखे गए। इसके विपरीत, जिन मरीजों का उपचार शुरू होने से पहले अस्पताल में तीन घंटे से अधिक समय तक इंतज़ार करना पड़ा, उनमें अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान मृत्यु दर बढ़कर 7.4% हो गई। अस्पताल पहुँचने के 90 मिनट के भीतर की गई प्राथमिक एंजियोप्लास्टी (PCI) से, उपचार में 3 घंटे से अधिक की देरी होने की तुलना में अस्पताल में भर्ती के दौरान मृत्यु का जोखिम लगभग 59% तक कम पाया गया।
अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के  चेयरमैन श्री मयंकराज सिंह भदौरिया जी द्वारा बताया गया की  " यह उपलब्धि मरीजों को विश्वस्तरीय एवं समयबद्ध हृदय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान का उद्देश्य भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आपातकालीन हृदय सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना तथा प्रत्येक STEMI मरीज को यथाशीघ्र जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराना है।

Post a Comment

0 Comments

Join Our WhatsApp Group? for latest and breaking news updates...
Click here to join the group...