मीसाबंदी सेनानी गोविंद नारायण करमरकर का निधन, पुत्रियों ने दी मुखाग्नि,,
आपातकाल में 19 माह रीवा जेल में रहे, शासन ने गार्ड ऑफ ऑनर से दी अंतिम विदाई
देवास। मीसाबंदी सेनानी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सक्रिय सदस्य गोविंद नारायण करमरकर का निधन हो गया। वे देवास के टेंट हाउस व्यवसायी संकेत सुपेकर के ससुर थे। उनके निधन पर सामाजिक एवं विभिन्न संगठनों ने शोक व्यक्त किया।
मूलतः रीवा निवासी श्री करमरकर वर्ष 2015 में सेवानिवृत्ति के बाद देवास आकर बस गए थे। यहां उन्होंने महाराष्ट्र समाज, श्री रामदास विचार मंच सहित कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाई। वे सामाजिक कार्यों में हमेशा सहभागिता निभाते थे और कार्यकर्ताओं को समाजसेवा के लिए प्रेरित करते रहते थे। वर्ष 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान उन्हें मीसाबंदी के रूप में रीवा जेल में 19 माह तक कारावास भुगतना पड़ा था। लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान के सम्मान में अंतिम संस्कार के दौरान शासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी दोनों पुत्रियों ने मुखाग्नि दी।

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