मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने देवास में शुरू होगी एआई आधारित कॉलिंग व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर विशेष फोकस
देवास : कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए *एआई आधारित कॉलिंग व्यवस्था* शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्री-डिलीवरी, पोस्ट-डिलीवरी केयर और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया जाएगा। स्थानीय कंपनी ने इसका प्रस्तुतीकरण भी दिया।
श्री ऋतु राज सिंह ने गर्भवती महिलाओं के प्रथम त्रैमास में पंजीयन, एएनसी चेकअप, टीकाकरण और एनीमिया प्रबंधन में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिया वाली महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और पैथोलॉजी जांच की एंट्री अनमोल पोर्टल पर अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने देवास अर्बन क्षेत्र में सीवियर एनीमिया प्रबंधन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार को कहा।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें प्रसव से 8 दिन पूर्व बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराया जाए। अप्रैल से अब तक जिले में 5,092 महिलाओं को बर्थ वेटिंग रूम में ठहराया जा चुका है। जिला चिकित्सालय देवास में सोनोग्राफी कराने वाली सभी महिलाओं की उसी दिन सीबीसी जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक, डॉ. आर.पी. परमार, डॉ. वंदना केसरी, श्री साबिर अहमद सिद्दीकी, डॉ. मनीषा मिश्रा, श्रीमती अंशु जावला* सहित बीएमओ, सीडीपीओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने एनआरसी, दस्तक अभियान, एनसीडी, टीबी मुक्त भारत अभियान, बाल विवाह रोकथाम और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।

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