अली का नाम लेने से दिलों को मिलता है सुकून - सैयद सगीर अशरफ
देवास । अली का नाम लेने से दिलो को सुकून मिलता है अली से मोहब्बत करने से हुजूर से मोहब्बत बढ़ती है हुजूर से मोहब्बत करने से इमान मजबूत होता है यह बात जिक्र ए शोहदाए कर्बला और उर्स मखदूमें सिमना में हजरत सैय्यद सगीर अशरफ अशरफी जिलानी साहब ने अपनी तकरीर में कही उन्होंने हजरत मखदूम पाक का जिक्र करते हुए कहा कि हजरत मखदूम पाक ने अल्लाह के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया सल्तनत तक छोड़ दी ऐसे मखदूम पाक के दुनिया में करोड़ों अनुयाई है । इस अवसर पर गोंडल गुजरात से आए मशहूर नातख्वा शब्बीर बरकाती साहब के जोशीले अंदाज में पूरी महफ़िल झूम उठी । पहली बार देवास शहर में आए शब्बीर बरकाती साहब को सब ने खूब सुना इस अवसर पर सैयद अहमद अशरफ हुसैनी मियां साहब,सैयद तारिक अशरफ अशरफी साहब, हजरत अहमद अशरफ़ अशरफी साहब बुरहानपुर, सूफी अब्दुल हफ़िज़ बाबा इंदौर, मुफ्ती अहमद यार खान साहब महेश्वर काजी आशिक हुसैन अशरफी, काज़ी नोमान एहमद अशरफी शहर क़ाज़ी देवास, सूफी मुन्ना बाबा, मुफ़्ती ज़रीफ़ एहमद अशरफी, मुकीम बाबा, हाफिज इकरार अहमद अशरफी हाथी वाले, हाजी हाफिज आशिक हुसैन अशरफी मौजूद थे
मेहमानों का स्वागत हाजी अंसार अहमद अशरफी (हाथी वाले पूर्व सभापति) अय्यूब भाई सादबा,अब्दुल हमीद मैकेनिक सदर आसा पहलवान ,इरफान भाई डेरी, नौशाद भाई जवाई, जाकिर उस्ताद, साबिर भाई,सादिक भाई रिक्शा ने किया जलसे की शानदार निजामत महाराष्ट्र से आए सलीम दरियापूरी साहब ने की सलातो सलाम ओर दुआ के बाद लंगर तक्सीम किया गया

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