समान नागरिक संहिता पर नाराजगी: सर्व मुस्लिम समाज ने जताया विरोध,राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश को सोपा ज्ञापन,,
यूसीसी को बताया समुदाय के हितों के खिलाफ
देवास। मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 के विरोध में बुधवार, 19 अगस्त को प्रदेशभर के सभी जिलों में सर्व मुस्लिम समाज द्वारा कलेक्टर कार्यालयों में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में देवास में भी सर्व मुस्लिम समाज का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में 15 महिलाएं भी शामिल थीं। कलेक्टर के समक्ष ज्ञापन का वाचन करते हुए एडवोकेट नायला कुरैशी ने कहा कि मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 धर्म के पालन को लेकर दंडात्मक प्रावधान करता है। उन्होंने कहा कि विधेयक में कस्टम को अपवाद की श्रेणी में रखा गया है, वहीं अनुसूचित जनजातियों को यूसीसी से छूट दिए जाने को समानता के सिद्धांत के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के तहत हिंदू विवाह अधिनियम को विभिन्न धर्मों का पालन करने वाले लोगों पर लागू किया जाना धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को प्रभावित करता है। समाज की ओर से राष्ट्रपति से विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। मीडिया से चर्चा करते हुए एडवोकेट करिश्मा खान ने कहा कि सर्व मुस्लिम समाज यूसीसी के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचा है और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 में हर व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा के अनुसार किसी भी धर्म को मानने, पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता है। अनुच्छेद 26 में हर धार्मिक संप्रदाय को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने और धार्मिक संस्थाएँ स्थापित करने का अधिकार है। अनुच्छेद 29 में नागरिकों के किसी वर्ग को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का अधिकार है। अनुच्छेद 30 में अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान स्थापित और संचालित करने का अधिकार है। जबकि यूसीसी इन अधिकारों पर सीधा प्रभाव डालता है। करिश्मा खान ने कहा कि यदि यूसीसी लागू किया जाता है तो संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता की भावना पर भी प्रश्न खड़ा होता है। उन्होंने कलेक्टर से ज्ञापन को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आग्रह किया। देवास में हुए इस प्रदर्शन में समाज सेवी शौकत हुसैन, हाफिज सोएब नदवी, शाहिद मोदी, इम्तियाज शेख, सलीम खान, एजाज नीलम, रफीक खान, मुबारिक मंसूरी, शाहरूख शेख, फरीद कुरेशी, फिरोज हुसैन एवं सर्व मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं और यूसीसी के विरोध में अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

0 Comments