अमरकंटक में गीता गंगा और नर्मदा के उद्गम का दिव्य संगम,,
विश्वगीताप्रतिष्ठानम् का त्रि-दिवसीय गीता प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्नदेवास। विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के तत्वावधान में पुण्यसलिला माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के विश्व गीता स्वाध्याय मंदिर में तीन दिवसीय अखिल भारतीय गीता प्रशिक्षण वर्ग का भव्य आयोजन हुआ। इस दिव्य ज्ञान कुंभ में देशभर से चयनित 83 गीता साधकों ने भाग लिया। मालवा प्रांत देवास से सावंत शर्मा, राजेंद्र राठौर, राजेंद्र सिंह तोमर, जिला सहसंयोजक जितेन्द्र त्रिवेदी सम्मिलित हुए। देवास पहुंचने पर गीता स्वाध्याय परिवार के वरिष्ठ अरुण कुमार शैव्य, अरविन्द शर्मा, कमलेश शर्मा देवीशंकर तिवारी, कृष्णकांत शर्मा, अशोक बुनकर आदि सदस्यों ने पुष्प माला दुपट्टा पहनाकर आत्मीय स्वागत सम्मान किया। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि तीन दिनों तक साधकों ने एक ओर माँ नर्मदा के पावन उद्गम में आस्था की डुबकी लगाई, तो दूसरी ओर गीता रूपी ज्ञान गंगा में गोता लगाकर जीवन के शाश्वत सत्य का साक्षात्कार किया स्वामी नर्मदानंद जी महाराज एवं श्री परमात्मानंद जी महाराज का दिव्य सत्संग और आशीर्वचन प्राप्त हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया वर्ग के समापन पर सभी साधकों ने यह पावन संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में गीता के प्रचार-प्रसार हेतु सघन पुरुषार्थ करेंगे तथा 20 दिसंबर को गीता जयंती महोत्सव को भव्यतम रूप में मनाएंगे। आगामी अखिल भारतीय गीता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग 8 जनवरी से 12 जनवरी तक रीवा में आयोजित होगा।

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