देवास: सेन थॉम एकेडमी, भोपाल रोड और सेन थॉम पब्लिक स्कूल, बद्रीधाम नगर में दशहरा और गांधी जयंती के द्वि-आयामी अवसर को बड़े उत्साह और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया।
दोनों परिसरों में कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा एंकरिंग करते हुए अतिथियों के गर्मजोशी भरे स्वागत से हुई। गांधीजी के जीवन और उनके आदर्शों पर दिए गए प्रेरणादायी भाषणों ने सत्य, अहिंसा और सादगी के उनके संदेश को एक बार फिर सभी के सामने जीवंत कर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह की शोभा और भी बढ़ा दी। सेन थॉम पब्लिक स्कूल में आकर्षण का केंद्र रहा महिषासुर वध पर आधारित नृत्य-नाटक, जिसने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति और भक्तिमय भाव से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही धुनुची नृत्य ने बंगाल की समृद्ध संस्कृति को मंच पर उतार दिया। वहीं, सेन थॉम एकेडमी में मंचित भव्य रामायण नाटक ने वन गमन, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, वानर सेना की तैयारी, हनुमानजी का सीता माता से मिलन तथा अंत में श्रीराम द्वारा रावण वध जैसे प्रसंगों को जीवंत कर दिया। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों के हृदय को गहराई तक छू लिया।
जूनियर छात्रों ने एक विचारशील नाटक प्रस्तुत किया जिसमें रावण को हमारे भीतर मौजूद अवगुणों का प्रतीक बताया गया। इस प्रस्तुति ने सभी को यह स्मरण कराया कि अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा है। उत्सव का उल्लास तब और बढ़ गया जब दोनों विद्यालयों में गरबा नृत्य का आयोजन हुआ। नन्हें-मुन्नों ने अपने शिक्षकों संग पारंपरिक रंग-बिरंगे परिधानों में गरबा नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे पूरे वातावरण में हर्ष और उल्लास का संचार हो गया।
इस द्वि-आयामी उत्सव ने केवल गांधीजी के आदर्शों को सम्मानित किया, बल्कि अच्छाई की बुराई पर विजय का सुंदर संदेश भी दिया, जिसने सभी उपस्थित लोगों के हृदय पर अमिट छाप छोड़ दी।

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