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प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, संरक्षण का दायित्व और भावी पीढ़ियों के प्रति संकल्प,,शंकरगढ़ पहाड़ी स्थित जैव विविधता वाटिका में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, संरक्षण का दायित्व और भावी पीढ़ियों के प्रति संकल्प,,

शंकरगढ़ पहाड़ी स्थित जैव विविधता वाटिका में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
दिनांक 16 दिसंबर 2025 [शकील कादरी] को शंकरगढ़ पहाड़ी पर स्थित जैव विविधता वाटिका में पुलिस विभाग एवं वन विभाग के तत्वाधान में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजीपी (प्रशिक्षण) भोपाल श्री राजा बाबू सिंह (भा.पु.से.) के करकमलों द्वारा पौधारोपण कर किया गया। यह कार्यक्रम केवल पौधे लगाने तक सीमित न होकर प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रशासनिक एवं सामाजिक दायित्व तथा सतत विकास की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला रहा। शंकरगढ़ पहाड़ी जैसे प्राकृतिक क्षेत्र में आयोजित यह आयोजन हरियाली संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

*एडीजीपी (प्रशिक्षण) भोपाल श्री राजा बाबू सिंह (भा.पु.से.) का भावार्थ व्यक्त विचार*
कार्यक्रम के दौरान एडीजीपी श्री राजा बाबू सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को समय की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता न रहकर जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने यह रेखांकित किया कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आज प्रशासन और समाज दोनों का साझा दायित्व है।
उनके विचारों में यह स्पष्ट संदेश निहित रहा कि प्रकृति की रक्षा करना भविष्य की सुरक्षा करना है, और यदि आज हम सजग नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा।
*कलेक्टर देवास श्री ऋतुराज सिंह का पर्यावरणीय दृष्टिकोण*
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिले में संतुलित विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को जैव विविधता संरक्षण की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिचायक बताया।
उनके विचारों में यह भाव प्रमुख रहा कि स्वस्थ पर्यावरण के बिना कोई भी विकास स्थायी नहीं हो सकता, अतः वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण, जल-संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
*पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोत का सामाजिक दायित्व पर संदेश*
पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोत ने इस अवसर पर पुलिस विभाग की सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने यह दर्शाया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर समाज के समग्र कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
उनके विचार इस संदेश को सुदृढ़ करते दिखाई दिए कि स्वस्थ पर्यावरण से ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है, और पर्यावरणीय चेतना भी सामाजिक सुरक्षा का ही एक महत्वपूर्ण अंग है।

*डीएफओ देवास श्री अमित कुमार का वन संरक्षण पर दृष्टिकोण*
डीएफओ श्री अमित कुमार ने वृक्षों और वनों को मानव जीवन की आधारशिला बताते हुए जैव विविधता के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य में ऑक्सीजन, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण एवं पारिस्थितिक संतुलन का माध्यम बनेगा।
उनके विचारों में यह भाव प्रमुख रहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब सभी विभाग, स्वयंसेवक एवं नागरिक मिलकर पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का दायित्व निभाएँ।
उक्त कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री जयवीर सिंह भदौरिया सहित पुलिस विभाग, वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे। साथ ही पुलिस विभाग,वन विभाग,राजस्व विभाग एवं ग्रीन आर्मी के स्वयंसेवक एवं अन्य वॉलेंटियर ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों द्वारा लगाए गए पौधों के संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

*यह वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम प्रकृति के प्रति सम्मान, कर्तव्यबोध और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय पहल के रूप में सम्पन्न हुआ।*

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