लेना है तो परमात्मा का ही सहारा लो जो कभी साथ नहीं छोड़ता.. ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी,
जिसकी परमात्मा से लिंक टूट गई, भरोसा उठ गया उसका जीवन व्यर्थ हो जाता है. ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी
देवास। सत्य तो यह है कि कोई भी मनुष्य किसी का सहारा नहीं बन सकता। क्योंकि कोई भी मनुष्य इस संसार मे इतना सक्षम है ही नहीं। कि वह अपने साथ दूसरों का भार भी उठा ले। वर्तमान जीवन इतना जटिल और उलझा हुआ है। कि व्यक्ति के अपने ही काम अपने ही जीवन की जिम्मेदारियां बहुत अधिक हैं। वह उन्हीं को पूरा कर ले बहुत बड़ी बात है। इसलिए कहते है कि एक तू ही मालिक सबका दाता। परमात्मा का सहारा लो। परमात्मा के बल और भरोसे पर अपना जीवन व्यतीत करें। यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्व विद्यालय कालानी बाग सेंटर में आयोजित ओमप्रकाश भाई जी की श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी ने व्यक्त किए। आगे कहा कि सहारा लेना है तो परमपिता परमात्मा का सहारा लो जो हर पल हर घड़ी हर जीवन में आपके साथ रहता है। इसलिए कहा जाता है प्रभु एक तेरा ही सहारा है। जिसकी परमात्मा से लिंक टूट गई परमात्मा से भरोसा उठ गया। जो परमात्मा पर भरोसा नहीं करता। उसका जीवन व्यर्थ हो जाता है। जब भक्त माल की शिरोमणि मीरा को भी परमात्मा का साक्षात्कार नहीं हुवा। लेकिन साक्षात अनुभव हुआ। तो ज्ञान स्वरूप बच्चों को साकार रूप में सदा सहारा दाता परमात्मा पिता का अनुभव हो सकता है। फिर सर्वशक्तिमान को छोड़ यथाशक्ति आत्माओं को सहारा क्यों बनाया जाए। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी, एकता बहन, हेमा वर्मा बहन,, सुनील भाई, बंशीलाल राठौर भाई, विवेक भाई सहित संस्था से जुड़े भाई-बहन उपस्थित थे।

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