देवास। प्रगतिशील लेखक संघ, देवास इकाई के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में संत कबीर साहब के ‘ढाई आखर प्रेम’ के अमर संदेश को स्वर, शब्द और विचार के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में श्री बद्रीलाल मालवीय जी ने अपनी धर्मपत्नी एवं साथियों के साथ कबीर साहब के एक से बढ़कर एक सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। भजनों के माध्यम से प्रेम, श्रम और समस्त मानवता के बीच भाईचारे का संदेश प्रसारित हुआ, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने भावविभोर होकर सराहा।
कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से आगामी तीन वर्षों के लिए प्रगतिशील लेखक संघ, देवास इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष पद पर कैलाश सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष पद पर अजीमुद्दीन अजीम एवं बद्रीलाल मालवीय, सचिव पद पर श्रीमती प्रतिभा कुमार, सह-सचिव पद पर श्री सिंदल तथा कोषाध्यक्ष पद पर श्री सत्यवान पाटिल को सर्वानुमति से निर्वाचित किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित शायरों एवं कवियों जनाब अजीमुद्दीन अजीम देवासी, जनाब मोईनखान, श्री जयप्रकाश जी तथा वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती प्रतिभा कुमार ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं का तरन्नुम में पाठ किया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। कार्यक्रम में श्री मांगीलाल काजोड़िया जी ने अपने वक्तव्य में देश की वर्तमान तानाशाही एवं फासीवादी प्रवृत्तियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन श्री मोईनखान ने किया, जबकि संपूर्ण कार्यक्रम संयोजन एवं अंत में आभार प्रदर्शन श्री राजेन्द्र राठौर ने किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार, कथाकार, चिंतक एवं उपन्यासकार डॉ. प्रकाशकांत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही प्राचार्य श्री एफ. बी. मानेकर, श्री एस. एल. परमार, श्री भारतसिंह, सीमा जी, सलोनी जी, रंजना जी, श्री बाबूलाल जी एवं अर्हन्या जी सहित अनेक साहित्य प्रेमी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम ने साहित्य, संगीत और सामाजिक चेतना के माध्यम से कबीर के विचारों को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए एक सार्थक संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से आगामी तीन वर्षों के लिए प्रगतिशील लेखक संघ, देवास इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष पद पर कैलाश सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष पद पर अजीमुद्दीन अजीम एवं बद्रीलाल मालवीय, सचिव पद पर श्रीमती प्रतिभा कुमार, सह-सचिव पद पर श्री सिंदल तथा कोषाध्यक्ष पद पर श्री सत्यवान पाटिल को सर्वानुमति से निर्वाचित किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित शायरों एवं कवियों जनाब अजीमुद्दीन अजीम देवासी, जनाब मोईनखान, श्री जयप्रकाश जी तथा वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती प्रतिभा कुमार ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं का तरन्नुम में पाठ किया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। कार्यक्रम में श्री मांगीलाल काजोड़िया जी ने अपने वक्तव्य में देश की वर्तमान तानाशाही एवं फासीवादी प्रवृत्तियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन श्री मोईनखान ने किया, जबकि संपूर्ण कार्यक्रम संयोजन एवं अंत में आभार प्रदर्शन श्री राजेन्द्र राठौर ने किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार, कथाकार, चिंतक एवं उपन्यासकार डॉ. प्रकाशकांत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही प्राचार्य श्री एफ. बी. मानेकर, श्री एस. एल. परमार, श्री भारतसिंह, सीमा जी, सलोनी जी, रंजना जी, श्री बाबूलाल जी एवं अर्हन्या जी सहित अनेक साहित्य प्रेमी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम ने साहित्य, संगीत और सामाजिक चेतना के माध्यम से कबीर के विचारों को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए एक सार्थक संदेश दिया।

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