उत्कृष्ट विद्यालय के वार्षिक उत्सव का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ।
देवास: उत्कृष्ट विद्यालय, देवास में आयोजित वार्षिक उत्सव का समापन भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय के प्राचार्य श्री सुधीर कुमार सोमानी ने जानकारी दी कि चार दिवसीय खेल, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भारतवर्ष की विविधता के मनोहारी दर्शन हुए। विभिन्न प्रांतों की भाषाई विशेषताओं, सांस्कृतिक मूल्यों एवं पारंपरिक वेशभूषाओं ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को मंच पर सजीव कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य सुधीर कुमार सोमानी, वरिष्ठ शिक्षक संतोष वर्मा, संतोष स्वर्णकार, अलका जैन एवं कीर्ति शर्मा द्वारा कला की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना, श्री गणेश स्तुति तथा विभिन्न देवी-देवताओं की स्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रमुख प्रस्तुतियों में रक्तबीज वध पर आधारित नृत्य-नाट्य की अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति विद्यालय के विद्यार्थी मंथन मुकुंदे एवं उनके साथियों द्वारा दी गई। वहीं हंसिका एवं उनके साथियों ने कृष्ण लीला की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का हृदय जीत लिया। इसके अतिरिक्त साक्षी एवं उनके साथियों द्वारा सतयुग, त्रेता, द्वापर एवं कलियुग पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे सभी उपस्थितों ने खूब सराहा।
राजस्थानी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, तेलुगू एवं कन्नड़ भाषाओं पर आधारित लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सहर्ष करतल ध्वनि से सराहा। कार्यक्रम का सफल संयोजन भावना पाल , कृष्णा मोदी, प्रभा शर्मा, मनीषा बंगाली, पूनम भार्गव और ऋचा उपाध्याय ने किया । इस अवसर पर ध्रुव कुमार शर्मा ,नीरज कानूनगो ,रामकुमार कुशवाहा, दिलीप पांचाल, दिनेश कुमार गुदेन विकास जायसवाल, जयप्रकाश चौकीकर, शुभम दुबे, अविनाश उदेनिया, मोहम्मद अजहर, प्रभु मुजाल्दे,भावेश कानूनगो, कल्पना सुनानिया, पूनम कौशल, एवं विधार्थी उपस्थित रहे ।
देवास: उत्कृष्ट विद्यालय, देवास में आयोजित वार्षिक उत्सव का समापन भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय के प्राचार्य श्री सुधीर कुमार सोमानी ने जानकारी दी कि चार दिवसीय खेल, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भारतवर्ष की विविधता के मनोहारी दर्शन हुए। विभिन्न प्रांतों की भाषाई विशेषताओं, सांस्कृतिक मूल्यों एवं पारंपरिक वेशभूषाओं ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को मंच पर सजीव कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य सुधीर कुमार सोमानी, वरिष्ठ शिक्षक संतोष वर्मा, संतोष स्वर्णकार, अलका जैन एवं कीर्ति शर्मा द्वारा कला की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना, श्री गणेश स्तुति तथा विभिन्न देवी-देवताओं की स्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रमुख प्रस्तुतियों में रक्तबीज वध पर आधारित नृत्य-नाट्य की अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति विद्यालय के विद्यार्थी मंथन मुकुंदे एवं उनके साथियों द्वारा दी गई। वहीं हंसिका एवं उनके साथियों ने कृष्ण लीला की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का हृदय जीत लिया। इसके अतिरिक्त साक्षी एवं उनके साथियों द्वारा सतयुग, त्रेता, द्वापर एवं कलियुग पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे सभी उपस्थितों ने खूब सराहा।
राजस्थानी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, तेलुगू एवं कन्नड़ भाषाओं पर आधारित लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सहर्ष करतल ध्वनि से सराहा। कार्यक्रम का सफल संयोजन भावना पाल , कृष्णा मोदी, प्रभा शर्मा, मनीषा बंगाली, पूनम भार्गव और ऋचा उपाध्याय ने किया । इस अवसर पर ध्रुव कुमार शर्मा ,नीरज कानूनगो ,रामकुमार कुशवाहा, दिलीप पांचाल, दिनेश कुमार गुदेन विकास जायसवाल, जयप्रकाश चौकीकर, शुभम दुबे, अविनाश उदेनिया, मोहम्मद अजहर, प्रभु मुजाल्दे,भावेश कानूनगो, कल्पना सुनानिया, पूनम कौशल, एवं विधार्थी उपस्थित रहे ।

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