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विधिक दक्षता संवाद सत्र का आयोजन किया गया

विधिक दक्षता संवाद  सत्र का आयोजन किया गया 

     देवास : मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री विवेक रूसिया की दूरदर्शी सोच, व्यक्तिगत प्रेरणा एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास श्री अजय प्रकाश मिश्र के  मार्गदर्शन में  ए.डी.आर भवन जिला न्यायालय परिसर देवास, में विधिक दक्षता संवाद श्रृंखला का शुभारंभ किया गया। 
      प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास श्री अजय प्रकाश मिश्र  के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है, जिन्होंने अधिवक्ताओं के व्यावसायिक उत्थान एवं दक्षता संवर्धन के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता करते हुए स्वयं इस श्रृंखला की परिकल्पना की है।  इस श्रृंखला का मूल उद्देश्य अधिवक्ताओं विशेषकर नवीन/युवा अधिवक्ताओं को विधिक विषयों पर व्यावहारिक एवं क्रियात्मक ज्ञान प्रदान करना है, जिससे उनकी पैरवी - कौशल् में वृद्धि हो सके। 
  इस श्रृंखला के अंतर्गत प्रत्येक अकार्य शनिवार  को एक संवादात्मक  का आयोजन किया जाएगा, जिसमें  न्यायिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर अधिवक्ताओं को विधिक विषयों पर व्याख्यान/मार्गदर्शन प्रदान करेंगे  विशेष बात यह है कि प्रत्येक सत्र का विषय अधिवक्ताओं द्वारा स्वयं सुझाया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशिक्षण उनकी वास्तविक आवश्यकताओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के अनुरूप हो। 
  प्रधान जिला न्यायाधीश ने युवा वकीलों को संबोधित करते हुए कहा कि  ‘‘एक सफल अधिवक्ता वही है जो अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए केवल तथ्यों पर ध्यान केंद्रित करे। मुख्य परीक्षण जहां आपके केस की नींव रखता है, वहीं प्रतिपरीक्षण सत्य को खोजने का एक महत्वपूर्ण अस्त्र है।‘‘
     उन्होंने  कहा कि अधिवक्ता को अपने गवाह से ऐसे प्रश्न पूछने चाहिए जिससे केस की कहानी स्पष्ट रूप से न्यायालय के समक्ष आए। इसमें ‘सूचक‘ प्रश्न‘ पूछने से बचना चाहिए। एक अधिवक्ता को पता होना चाहिए कि कब प्रश्न पूछना है और उससे भी महत्वपूर्ण यह कि कब प्रश्न ‘नहीं‘ पूछना है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धाराओं का गहराई से अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि ‘‘वकालत का पेशा निरंतर सीखने का है, और आपकी तैयारी ही न्यायालय में आपकी सबसे बड़ी शक्ति है।‘‘
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में नवागत अधिवक्ताओं की शंकाओं का समाधान भी किया गया।  
  उक्त विधिक दक्षता संवाद श्रृंखला कार्यक्रम के साथ ही मध्यस्थता जारूकता कार्यक्रम का अयोजन किया गया। जिसमें नवीन/युवा अधिवक्ताओं को मध्यस्थता योजना के अंतर्गत:- मध्यस्थता की प्रक्रिया, उसके लाभ एवं समय की बचत के साथ - साथ पक्षकारों के आपसी विवाद को मध्यस्थता के माध्यम से किस प्रकार से निराकरण होता है की जानकारी देकर जागरूक किया साथ ही यह भी बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों का शीघ्र निराकरण होने से न्यायालय में लंबित प्रकरणों की संख्या भी कम सके। मध्यस्थता के माध्यम से अधिकांशतः वैवाहिक प्रकरण एवं आपराधिक प्रकरणों का निराकरण करने के लिए अगर पक्षकारों को मध्यस्थता योजना की सही जानकारी व प्रक्रिया का अधिवक्तागण द्वारा समझाईश दी जावे तो न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का अधिक संख्या में निराकरण हो सकता है। 
      कार्यक्रम में श्री जितेन्द्र सिंह कुशवाह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय देवास, श्री विकास शर्मा विशेष न्यायाधीश देवास एवं जिला न्यायालय देवास मुख्यालय के समस्त न्यायाधीशगण, श्री अशोक वर्मा, अध्यक्ष, जिला अभिभाषक संघ देवास सहित 100 से अधिक अधिवक्ताओं विशेषकर नवीन/युवा अधिवक्तागण, सम्मिलित हुए, शासकीय अधिवक्ता, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसेल के चीफ, डिप्टी, अस्सिटेंट उपस्थित रहे। 
  

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