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नई व्यवस्था बनाने और नवाचार लाने में समय लगता है-राणा,,महाविद्यालय में विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए पालक-शिक्षक संघ की बैठक का आयोजन

नई व्यवस्था बनाने और नवाचार लाने में समय लगता है-राणा,,
महाविद्यालय में विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए पालक-शिक्षक संघ की बैठक का आयोजन
देवास। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता एवं सुधार हेतु 14 फरवरी को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय श्री कृष्णजीराव पवार स्नातकोत्तर महाविद्यालय,देवास में आईक्यूएसी के तत्वाधान में महाविद्यालय के कला,वाणिज्य,प्रबंध एवं विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए पालक-शिक्षक संघ की बैठक का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एस पी एस राणा के साथ मनीष पारीक वरिष्ठ अभिभाषक एवं विधायक प्रतिनिधि,डॉ.आर.एस.अनारे,डॉ.आर.के.मराठा, डॉ.बी.एस.जाधव, डॉ.दीप्ति ढवले और रजत राठौर द्वारा मंच साझा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन वंदन करके किया गया। तत्पश्चात अतिथियों और समस्त सम्मानीय अभिभावकों का स्वागत अभिनंदन किया गया। आयोजन के प्रथम चरण में डॉ. दीप्ति ढवले द्वारा महाविद्यालय का विस्तृत परिचय दिया गया जिसमें महाविद्यालय की स्थापना के साथ वर्तमान तक की सफलतम यात्रा की तस्वीर उकेरी। महाविद्यालय के शैक्षणिक, अकादमिक,सांस्कृतिक प्रशासनिक उपलब्धियों को साझा किया, सुविधा और संसाधन पर बात की और भविष्य की योजना से अवगत कराया। साथ ही डॉ.ढवले ने अभिभावक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण हेतु  सहयोग प्रदान करने हेतु आग्रह किया । डॉ. ढवले द्वारा  बैठक में पालकों को महाविद्यालय की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गई ताकि पालक एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से विद्यार्थियों का बेहतर भविष्य बनाया जा सके उनसे बच्चों की दिनचर्या,स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी चर्चा की गई एवं इसके साथ छात्रवृत्ति, विभाग की योजनाओं, प्रतियोगी परीक्षा एवं अल्प कालिक रोजगार प्रशिक्षण  की जानकारी दी गई। साथ ही  उन्होंने कहा कि पालकों की सक्रिय भागीदारी एवं समन्वय से ही शिक्षकों की मेहनत सार्थक हो पाती है और विद्यार्थी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बेहतर परिणाम लाते हैं। निश्चित ही पालक शिक्षक बैठक सतत विकास के लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राप्त करने की ओर एक श्रेष्ठ प्रयास है। इससे न केवल  विद्यार्थियों की शिक्षा में सुधार होगा वरन महाविद्यालय में एक स्वस्थ वातावरण निर्मित होगा जहां विद्यार्थी अपने उज्जवल भविष्य की ओर प्रशस्त होंगे।
आयोजन के द्वितीय चरण में विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु रजत राठौर द्वारा विचार प्रस्तुत किए। श्री राठौर ने बताया कि शासन और महाविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक सुविधा के अलावा विद्यार्थियो के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक कार्य किए रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य हेतु महाविद्यालय द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर, कार्यशाला, गतिविधियाँ और कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की जिसमें उमंग कार्यक्रम, आनंदम सर्कल ,स्वास्थ्य और आत्महत्या रोक पर गठित बोर्ड की जानकारी, मानसिक जागरूकता के लिए पियर सपोर्ट ग्रुप आदि का विवरण और कार्य करने की प्रक्रिया सम्बन्धी आवश्यक जानकारी साझा की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों के साथ संवाद करना था इसी तारतम्य में अभिभावक  दिनेश उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त किये उन्होंने महाविद्यालय की व्यवस्था और प्राध्यापकों की कार्यशैली की प्रशंसा की साथ ही न्यून शुल्क में कोर्स की उपलब्धता की सराहना करते हुए बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय में दी जा रही शिक्षा का कौशल संवर्धन के साथ रोजगार उन्मुख भी है अतः विद्यार्थियों को प्रतिदिन कक्षाएं में उपस्थित रहना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि विद्यार्थी समस्त सुविधाओ का लाभ लेकर अपने  भविष्य निर्माण  करें और नाम रोशन करें।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित मनीष पारीक ने अपने उद्बोधन में उनके छात्र जीवन पर प्रकाश डालते हुए जीवन में सफलता हेतु प्राध्यापकों के सहयोग और मार्गदर्शन के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता की बात है कि शिक्षक पालक बैठक एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया यह एक उत्तम पहल की जो स्वागत योग्य है। महाविद्यालय के पूर्व उपलब्धि पर चर्चा की। पालकों से आग्रह किया है कि महाविद्यालय में विद्यार्थी की उपस्थिति,उसके क्रिया-कलाप पर विशेष ध्यान दें ये हमारा भी उत्तरदायित्व है। विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। प्राचार्य डॉ. एस. पी. एस राणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि नई व्यवस्था बनाने और नवाचार लाने में समय लगता है परिवर्तन शीघ्रता से या अचानक नहीं होता इसके लिए सभी को प्रतिबद्ध होना आवश्यक है। प्राचार्य ने महाविद्यालय द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं अंतर्गत  पूर्व छात्र समिति की चर्चा की तथा पूर्व छात्रों को समिति की सदस्यता लेने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से आग्रह किया कि महाविद्यालय से संबंधित सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण जानकारियों को अपने परिचितों में साझा करें जिससे कि बच्चे सही दिशा में अपने अध्ययन को पूर्ण कर पाने में सक्षम बनें, अभिभावक बच्चे की ट्रैकिंग करें। प्राचार्य ने यह भी विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में देवास जिले के बच्चे महंगी पढ़ाई लिए बाहर नहीं जायेंगे इसके लिए महाविद्यालय की नवीन इमारत स्थापित करने के लिए प्राचार्य निरंतर प्रयासरत हैं समस्त उच्च अधिकारियों की ओर प्रस्ताव प्रेषित किये जा चुके हैं। इसी तारतम्य में प्राचार्य डॉ.राणा ने महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध बस सुविधा के बारे में जानकारी दी और बताया कि विद्यार्थियों को अपने अध्ययन में कोई कठिनाई नहीं हो इस हेतु महाविद्यालय द्वारा बस सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है यह सुविधा सप्ताह में 6 दिन निरंतर प्राप्त होगीद्य साथ ही उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में अनुशासन, स्वस्थता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और महाविद्यालय परिवार महाविद्यालय के चहुमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। प्राचार्य ने महाविद्यालय के विकास के लिए अभिभावको से सुझाव,सलाह देने के लिए आग्रह किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक नीरज गुर्जर बी ए तृतीय वर्ष का राष्ट्रीय एकता शिविर भागलपुर में  04 से 10 अगस्त तक आयोजित किया गया था कि भागीदारी पश्चात स्वागत किया गया। कार्यक्रम का सफल आयोजन में महाविद्यालय के विद्यार्थियों और प्राध्यापक,अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही । डॉ.संदीप नागर द्वारा सुंदर और प्रभावशाली मंच संचालन किया गया एवं डॉ.सीमा सोनी द्वारा अपने विद्यार्थी जीवन के प्रसंग साझा करने के साथ आभार ज्ञापित किया।

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