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जिले में नरवाई (पराली) जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित- कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह --- जिले में पराली जलाने वालों पर होगी अर्थदंड की कार्रवाई----------- सभी हार्वेस्टर वालों से शपथ पत्र पर साइन कराएं, बिना स्ट्रा रीपर के कोई भी हार्वेस्टर नहीं चलना चाहिए-कलेक्टर श्री सिंह

जिले में नरवाई (पराली) जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित- कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह
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जिले में पराली जलाने वालों पर होगी अर्थदंड की कार्रवाई
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सभी हार्वेस्टर वालों से शपथ पत्र पर साइन कराएं, बिना स्ट्रा रीपर के कोई भी हार्वेस्टर नहीं चलना चाहिए-कलेक्टर श्री सिंह
     देवास, 06 मार्च 2026 [शकील कादरी] कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश क्रम में Air (Prevention & Control of Pollution) Act. 1981 अंतर्गत गेहूं एवं अन्य फसलों की कटाई उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाए जाने को पूर्णत: प्रतिबंधित किया है। उन्होंने फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्यवाही करने के आदेश जारी किए हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने आदेश दिए हैं कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत गेहूं कटाई के लिए उपयोग किए जा रहे सभी कम्बाइन हार्वेस्टरों में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम/स्ट्रा रीपर के उपयोग को अनिवार्य कर आदेश के परिपालन में हार्वेस्टर संचालक/कांट्रेक्टरों से संबंधित थाने में शपथ पत्र प्रस्तुत करवाने की कार्यवाही की जाए। विभागीय अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा शासकीय कार्यालयों, सहकारी समितियों एवं ग्राम पंचायतों में बैनर लगाकर, पंचायतस्तर पर संगोष्ठियों, ग्राम चौपालों, पेम्पलेट्स वितरण एवं मुनादी के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषकों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएं।
कलेक्टर श्री सिंह ने आदेश दिए हैं कि पंचायत स्तर पर गठित राजस्व, पंचायत एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषकों को जागरुक कर क्षेत्र में नरवाई जलाने की घटनाओं पर सतत निगरानी रखी जाए। निर्देशों के उल्लंघन की स्थिति में पंचनामा तैयार कर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सूचित किया जाए। राजस्व विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति / निकाय पर प्रकरण दर्ज कर माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की निर्देशिका के प्रावधान अनुसार पर्यावरण क्षति पूर्ति राशि के रूप में संबंधित व्यक्ति पर 2 एकड़ से कम भूमि हेतु राशि 2500 रुपए, दो एकड से ज्यादा एवं 5 एकड से कम भूमि के लिए राशि 5000 रुपए एवं 5 एकड़ से अधिक भूमि हेतु राशि 15000 रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जाए। उन्होंने आदेश दिए हैं कि नरवाई जलाने जैसी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित कृषक के साथ ही ग्राम स्तरीय सतर्कता दल की भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएं।

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