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सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने ज्ञान को कितनी अच्छी तरह समझते हैं..पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद

सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने ज्ञान को कितनी अच्छी तरह समझते हैं..पुलिस  अधीक्षक  श्री पुनीत गेहलोद
 देवास : पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गहलोत ने उत्कृष्ट विद्यालय, देवास में आयोजित ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम मैं विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन उत्कृष्ट विद्यालय में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गहलोत उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में जिला परियोजना अधिकारी श्री अजय मिश्रा भी उपस्थित थे।
अतिथियों का स्वागत विद्यालय के प्राचार्य श्री सुधीर कुमार सोमानी ने किया।
‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गहलोत ने बच्चों से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वे एक छोटे से गाँव से पढ़कर इस पद तक पहुँचे। कक्षा 8 वीं के बाद उन्हें किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और कैसे उन्होंने एक शासकीय हिंदी माध्यम विद्यालय से पढ़ाई कर इंजीनियरिंग तथा फिर सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने अपने जीवन की सफलताओं और असफलताओं के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
उन्होंने अपने सरकारी हिंदी माध्यम स्कूल से की गई पढ़ाई और रोज़ 26 किलोमीटर आने-जाने के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि उत्कृष्ट विद्यालय जैसे संस्थान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ी बराबरी लाने वाली शक्ति है। अमीर और गरीब दोनों बच्चे एक ही किताब से पढ़ते हैं और उनका पाठ्यक्रम भी समान होता है। अंतर केवल सुविधाओं का होता है, लेकिन ज्ञान सभी के लिए समान है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम मन लगाकर पढ़ाई करें।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों के बच्चों में ही नहीं, बल्कि छोटे गाँवों के बच्चों में भी होती है। कोई भी बच्चा मेहनत और सही दिशा में पढ़ाई करके बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
हर बच्चे के अपने सपने होते हैं—कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, कोई वकील या कोई अपना व्यवसाय करना चाहता है। आवश्यक यह है कि आप अपने लक्ष्य को पहचानें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत करें।
उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के दो मार्ग बताए—एक लक्ष्य आधारित और दूसरा प्रक्रिया आधारित। उनका मानना है कि प्रक्रिया आधारित मार्ग में सफलता की संभावनाएँ अधिक होती हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री संतोष स्वर्णकार ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्री संतोष वर्मा ने किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट विद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ उपस्थित थे।

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