भीषण गर्मी में 41 दिवसीय पंच धूणी अग्नि खड़ी तपस्या जारी,,
देवास। सद्गुरु योगेंद्र शीलनाथ जी महाराज धूनी परिसर, मल्हार क्षेत्र में इन दिनों 41 दिवसीय पंच धूनी अग्नि एवं खड़ी तपस्या आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। हरियाणा के हिसार जिले के सुल्तानपुर गांव स्थित नाथ संप्रदाय के प्राचीन मठ के गादीपति महंत बालयोगी संतोष नाथ महाराज द्वारा यह कठिन तपस्या भीषण गर्मी के बीच सतत रूप से की जा रही है। शनिवार को तपस्या का चौथा दिन रहा। शीलनाथ भक्त मंडल के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि गुरु महाराज की तपस्या के दर्शन करने के लिए देशभर से श्रद्धालु धूनी परिसर पहुंच रहे हैं। यह विशेष साधना प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक चलती है। पंच धूनी अग्नि तपस्या के अंतर्गत महाराज पांच प्रज्वलित धूनियों के मध्य खड़े रहकर ध्यान एवं साधना कर रहे हैं एवम् शेष समय वह सतत खड़े रहकर यह कठिन तपस्या आगामी 29 जून तक निरंतर जारी रहेगी।
बालयोगी संतोष नाथ महाराज ने बताया कि देवास में उनकी यह दूसरी तपस्या है तथा अब तक वे लगभग 44 तपस्याएं पूर्ण कर चुके हैं। पिछले 19 वर्षों से वे लगातार इस प्रकार की कठोर साधना कर रहे हैं। 40 डिग्री से अधिक तापमान, धधकती अग्नि और तेज गर्मी के बीच घंटों तक ध्यान लगाना और खड़े रहकर साधना करना सामान्य साधकों के लिए अत्यंत कठिन माना जाता है।
भक्त मंडल के सदस्य अरविंद चौकसे ने बताया कि इस बार गुरु महाराज की तपस्या अत्यंत कठिन है। तपस्या के दौरान और उसके बाद भी वे 24 घंटे खड़े रहते हैं। लगातार खड़े रहने से उनके पैरों में सूजन भी आ गई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है। इस विषय की जानकारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी दी गई है। भक्त मंडल के सदस्य निरंतर सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। गुरु महाराज तपस्या के लिए स्वयं कंडे लेकर धूनी स्थल तक पहुंचे हैं। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन प्रसादी का आयोजन भी किया जा रहा है। रात्रि में सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना से हवन भी संपन्न हो रहा है, जिसका संपूर्ण खर्च गुरु महाराज स्वयं वहन कर रहे हैं। भक्त मंडल ने नगर सहित प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर तपस्या के दर्शन लाभ लेने की अपील की है।

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