काली पट्टी बांधकर कर्मचारियों ने जताया विरोध, तृतीय चरण में पहुंचेंगे दिल्ली,,
देवास। अखिल भारतीय राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ द्वारा आंदोलन के द्वितीय चरण में शनिवार को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने भारत सरकार एवं राज्य सरकार का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया। संघ जिलाध्यक्ष जगदीश तंवर ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर पूर्व में कई बार ज्ञापन एवं आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। इससे देशभर के ‘डी’ ग्रुप कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में राष्ट्रीय आंदोलन के दूसरे चरण के तहत 23 मई को कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। संघ ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में ग्रुप ‘डी’ कर्मचारियों को कम से कम 40 प्रतिशत वेतन वृद्धि दी जाए। इसके साथ ही श्रम विरोधी कानून वापस लेने, रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने तथा आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने आंगनवाड़ी, आशा, रसोइया एवं अन्य कर्मचारियों को न्यूनतम 30 हजार रुपए वेतन देने, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करने तथा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी रखी। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में पदों का पुनर्गठन कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, सभी राज्यों में समान वेतन एवं भत्ते लागू करने, नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए खाद्यान्न व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन के तृतीय चरण में 7 जून 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा आयोजित की जाएगी। इस दौरान रामस्वरूप कहार, मुकेश चौधरी, समंदरसिंह बैस, मोहन सिंह ठाकुर, अशोक वर्मा, बनेसिंह राजपूत, कमलेश बरेठा, विजय पाठक, राकेश कमलोदिया, जगदीश चौधरी, स्वप्निल उजनार, संजय प्रजापत, राजेश वंसकर, हनिफ शेख, सचिन ठाकुर, ओमनाथ योगी एवं राजेन्द्र पुजारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

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