देवास- अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के अंतर्गत संचालित अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज में 30 अप्रैल 2026 को विद्यार्थियों के कौशल विकास हेतु “कम्युनिकेशन स्किल” (संचार कौशल) विषय पर एक दिवसीय वैल्यू एडेड कोर्स का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक सत्र में संस्थान के सभी पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आधुनिक दौर में संचार की महत्ता को समझा।
कार्यक्रम की मुख्य संसाधन व्यक्ति (Resource Person) डॉ. रत्ना शर्मा ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को संचार के विभिन्न माध्यमों और तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने 'कम्युनिकेशन बैरियर्स' (संचार की बाधाएं) विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि संवाद के दौरान होने वाली गलतफहमियों को कैसे दूर किया जाए। डॉ. शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि "सही संचार कौशल न केवल आपके पेशेवर (Professional) करियर में सफलता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह आपके व्यक्तिगत जीवन और व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"
यह पूरा आयोजन पैरामेडिकल कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. स्नेहा सहाय युथम के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में डॉ. सहाय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) के क्षेत्र में पैरामेडिकल स्टाफ का मरीजों और डॉक्टरों के साथ संवाद बहुत संवेदनशील होता है, इसलिए विद्यार्थियों को निरंतर अपने कम्युनिकेशन स्किल्स को निखारते रहना चाहिए।
चेयरमैन श्री मयंकराज सिंह भदौरिया जी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए अपना संदेश प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सेवा भाव के साथ-साथ सटीक संवाद कुशलता एक कुशल पैरामेडिकल प्रोफेशनल की पहचान होती है। विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु संस्थान निरंतर ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।"
इस विशेष अवसर पर डॉ. अंजलि मेहता, डॉ. नेहा गौर, डॉ. पूजा वर्मा, श्रीमती शकुन्तला मण्डलोई , श्री सूरज शर्मा, श्री अमन कुरैशी, श्रीमती टीना चौधरी एवं श्री पलाश मंडाड सहित कॉलेज का समस्त स्टाफ और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उत्साह कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने फीडबैक देते हुए इस सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। छात्रों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से उन्हें किताबी ज्ञान के अलावा व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) सीखने का अवसर मिलता है।

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