मजदूर दिवस पर गूंजा इंकलाब का स्वर, श्रमिकों ने अधिकारों के लिए बुलंद किया संघर्ष का संकल्प
देवास। 01 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मजदूरों ने जोरदार एकता और संघर्ष का प्रदर्शन किया। मजदूर चौराहा, मोती बंगला मेन रोड पर बड़ी संख्या में एकत्रित मजदूर साथियों ने केंद्र एवं राज्य सरकारों की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए उन्हें सत्ता से हटाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल नारों से गूंज उठा— “लाल लाल लहराएगा, इंकलाब आएगा”, “इंकलाब जिंदाबाद”, “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “लड़ेंगे जीतेंगे”, “हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है”—जिससे मजदूरों का जोश और एकजुटता साफ दिखाई दी। इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, देवास एवं एटक देवास के कॉमरेड कैलाश सिंह राजपूत, कॉमरेड बाबूलाल वागड़े, कॉमरेड प्रतिभा कुमार, कॉमरेड मलिक अंसारी, कॉमरेड मेहरबान सिंह, कॉमरेड सत्यवान पाटिल एवं कॉमरेड रामसेवक जरहा सहित सभी मजदूर साथियों ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को एक स्वर में उठाया। इनमें महिला एवं पुरुष मजदूरों के लिए प्रतिदिन ₹1000 मजदूरी सुनिश्चित करने, प्रसूति के दौरान वेतन, दुर्घटना बीमा, मजदूर पंजीयन, भविष्य निधि में मजदूर एवं सरकार की समान भागीदारी, तथा संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए न्यूनतम ₹44,000 मासिक वेतन लागू करने की प्रमुख मांग शामिल रही। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के कल-कारखानों, रेल, टेलीफोन, बैंक एवं बीमा क्षेत्रों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। मजदूरों ने नई श्रम संहिताओं को समाप्त कर पुरानी 44 श्रम संहिताओं को पुनः लागू करने की मांग भी उठाई। साथ ही 8 घंटे से अधिक कार्य करवाने पर दोगुनी दर से ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी भी साझा की गई। एटक के कॉमरेड अरविंद श्रीवास्तव द्वारा हाई कोर्ट में जीते गए फैसले के अनुसार सभी कार्यकर्ताओं को 6% ब्याज के साथ एरियर एवं ग्रेच्युटी का भुगतान 03 जून 2026 तक मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा। अंत में सभी मजदूर साथियों ने कम्युनिस्ट पार्टी एवं एटक की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को मजबूत करने और अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसे कॉमरेड सत्यवान पाटिल ने व्यक्त किया।

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