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श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न,पाटनी परिवार ने नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का किया पुण्यार्जन; सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की गरिमामयी उपस्थिति,,निलेश छाबड़ा ‘समाज रत्न’ की उपाधि से सम्मानित

श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न,
पाटनी परिवार ने नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का किया पुण्यार्जन; सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की गरिमामयी उपस्थिति,,
निलेश छाबड़ा ‘समाज रत्न’ की उपाधि से सम्मानित
देवास। श्री महावीर धाम साईं विहार कॉलोनी देवास जिनालय में अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं अर्चना महोत्सव का भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। 21 से 29 जुलाई 2026 तक चले इस धार्मिक महोत्सव में लगभग 60 जोड़ों ने लगातार नौ दिनों तक सिद्ध परमेष्ठी की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का पुण्यार्जन एवं आयोजन निर्मल-मधुबाला, शैलेंद्र-बरखा, राकेश - उमा एवं विशाल-सारिका पाटनी परिवार द्वारा किया गया। परिवार ने पूरे नौ दिवसीय आयोजन में तन-मन-धन से समर्पित भाव से सेवा करते हुए सभी धार्मिक एवं आयोजन व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग प्रदान किया। बड़ी संख्या में समाजजनों ने परिवार की इस धर्मप्रभावना एवं समर्पण की अनुमोदना की।

सांसद सोलंकी की गरिमामयी उपस्थिति, निलेश छाबड़ा को ‘समाज रत्न’ सम्मान

आयोजन के दौरान देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु मां आर्यिका श्री 105 समिति श्री माताजी के पावन सानिध्य में सांसद सोलंकी द्वारा श्री महावीर धाम जिनालय के परम संरक्षक निलेश छाबड़ा को समाज एवं धर्म के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए ‘समाज रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोहर जैन, शांतिनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आर.सी. जैन, महावीर धाम के अध्यक्ष संजय भाईजी, चंद्रप्रभु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पारस जैन इटावा सहित सकल दिगम्बर जैन समाज, विभिन्न ट्रस्ट मंडलों, सामाजिक संगठनों एवं समूहों के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने छाबड़ा का अभिनंदन किया।

“बदला नहीं लेना, अपने आप को बदल देना” — आर्यिका श्री 105 समिति श्री माताजी

इस अवसर पर गुरु मां आर्यिका श्री 105 समिति श्री माताजी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि जीवन में आगे बढ़ना है तो नम्रता को धारण करना आवश्यक है। आज के समय में छोटी-छोटी बातों पर व्यक्ति बदला लेने की भावना मन में ले आता है, जबकि कोई भी कार्य करने से पहले अपने विवेक का उपयोग करना चाहिए।

गुरु मां ने प्रेरणा देते हुए कहा, “जीवन में बदला लेने की नहीं, बल्कि स्वयं को बदलने की भावना रखो।” उनके मंगल प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, क्षमा, विनम्रता एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा मिली।

9 वर्ष बाद देवास को मिला मंगल चातुर्मास का सौभाग्य
प्रवक्ता विकाश जैन ‘अपने’ ने बताया कि श्री महावीर धाम में आर्यिका श्री 105 समिति श्री माताजी, क्षुल्लिका श्री 105 विभक्ति श्री माताजी एवं क्षुल्लिका श्री 105 विरासत श्री माताजी का मंगल चातुर्मास इस वर्ष देवास में हो रहा है। देवास जैन समाज को 9 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद मंगल चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
मंगल चातुर्मास की समस्त धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा व्यवस्थाएं चातुर्मास समिति अध्यक्ष संजय जैन कटारिया एवं महिला चातुर्मास समिति अध्यक्षा दिव्या राहुल जैन के नेतृत्व में समाजजनों एवं विभिन्न समितियों के सहयोग से सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
मंगल चातुर्मास कलश स्थापना में प्रथम मंगल कलश लेने का सौभाग्य कुमारी वेदिका, विशाल-सारिका एवं निर्मल-मधुबाला पाटनी परिवार को तथा द्वितीय मंगल कलश का सौभाग्य हुकमचंद-इंदिरा, कमलेश, निलेश एवं अर्पित छाबड़ा परिवार को प्राप्त हुआ।
  वहीं मुख्य मंगल कलश स्थापित करने का सौभाग्य संजय भाईजी, अनिल जैन, पारस जैन अनिल श्रीनगर, पवन जैन तारणी कॉलोनी, संजय कटारिया सॉफ्ट एंड हार्ड, पारस जैन इटावा, इंदरमल जी पानोत तथा खुशीलाल-मनोहर-विमल जैन परिवार को प्राप्त हुआ।

आगामी चार माह तक गुरु मां ससंघ के पावन सानिध्य में श्री महावीर धाम में धर्म, तप, त्याग, स्वाध्याय एवं भक्ति का वातावरण बना रहेगा।

नौ दिनों तक सिद्धों की आराधना में लीन रहा महावीर धाम

श्री महावीर धाम जिनालय में 21 से 29 जुलाई 2026 तक श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान आयोजित हुआ। प्रतिदिन प्रातः मूलनायक एवं वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके पश्चात श्रद्धालु मंडल विधान की दिव्य आराधना में लीन हुए।
प्रतिष्ठाचार्य राकेश रत्नाकर के निर्देशन एवं मंत्रोच्चार के साथ विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। प्रतिदिन शाम 7 बजे गुरु मां के मंगल प्रवचन हुए तथा खुशी जैन एंड पार्टी, जबलपुर द्वारा संगीतमय आरती की प्रस्तुति दी गई।

महोत्सव का समापन 29 जुलाई को हवन एवं विश्वशांति की मंगल भावना के साथ हुआ।

महावीर धाम में 108 सिद्धचक्र महामंडल विधान की भावना

महावीर धाम समाज अध्यक्ष संजय भाईजी ने बताया कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से श्री महावीर धाम जिनालय में 108 सिद्धचक्र महामंडल विधान आयोजित करने की भावना है।
इस श्रृंखला के प्रथम पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य मधुबाला-निर्मल पाटनी, शैलेंद्र-बरखा, राकेश एवं विशाल-सारिका पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ।
इन परिवारों ने मुख्य पात्र बनकर किया पुण्यार्जन
नौ दिवसीय विधान में राजा श्रीपाल निर्मल-मधुबाला, सौधर्म इंद्र विशाल-सारिका पाटनी, कुबेर शैलेंद्र-बरखा पाटनी, सनत इंद्र राजेश-भावना शाह, ईशान इंद्र पारस-मनोरमा, महेंद्र इंद्र अर्पित-नम्रता, यज्ञनायक संजय-स्वाति तथा महायज्ञनायक निलेश-पायल रहे।
ध्वजारोहण का सौभाग्य पारस-रजनी जैन, इटावा परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं ब्रह्म इंद्र विमल-संगीता जैन, ब्रह्मोत्तर इंद्र नवीन-मनोरमा जैन, लांतव इंद्र राहुल-रंजना जैन, प्राणत इंद्र राहुल-रचना जैन, सतार इंद्र वैभव-निधि तथा शुक्र इंद्र ताराचंद-अंगूरीदेवी ने मुख्य पात्र बनकर पुण्यार्जन किया।
महामंडलेश्वर संजय-अंतिमबाला कटारिया तथा मंडलेश्वर के रूप में अंकित-निधि जैन, अनिल-उषा जैन, अक्षत-भावना पानोत, विनीत-आस्था, राहुल-दिव्या एवं वैभव-दिव्या सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सिद्ध परमेष्ठी की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
पूरे नौ दिवसीय आयोजन के दौरान श्री महावीर धाम का वातावरण णमोकार मंत्र, सिद्ध भक्ति, पूजा-अर्चना, मंगल प्रवचन एवं संगीतमय आरती से धर्ममय बना रहा। बड़ी संख्या में समाजजनों ने प्रतिदिन उपस्थित होकर धर्मलाभ लिया एवं गुरु मां का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।




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