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सेन थॉम एकेडमी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों की जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न,,कक्षा 3 से 8 तक CT और AI का एकीकरण बनेगा शिक्षा का आधार

सेन थॉम एकेडमी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों की जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न,,
कक्षा 3 से 8 तक CT और AI का एकीकरण बनेगा शिक्षा का आधार
देवास: सेन थॉम एकेडमी, भोपाल रोड, देवास में स्कूली शिक्षा में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण विषय पर एक जिला स्तरीय सामूहिक विचार-विनिमय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गई थी। सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार अब कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की विषय संबंधी समझ को और मजबूत करना था, साथ ही उन्हें इन आधुनिक दक्षताओं को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने की व्यावहारिक रणनीतियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान और शिक्षा के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यशाला में देवास जिले के सात प्रतिष्ठित विद्यालयों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रत्येक विद्यालय ने CT और AI के कक्षा शिक्षण में उपयोग को लेकर अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन एंजल हार्ट्स एकेडमी, इंदौर के फैकल्टी सदस्य श्री प्रियंक दुबे और डेली मिरर, इंदौर के फैकल्टी सदस्य श्री राज बोरासी द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को रचनात्मक सुझाव और मार्गदर्शन भी प्रदान किए।
मूल्यांकन के आधार पर सेन थॉम एकेडमी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विंध्याचल एकेडमी द्वितीय और सेंट्रल इंडिया एकेडमी तृतीय स्थान पर रही। इस कार्यशाला में ब्राइट स्टार सेंट्रल एकेडमी, प्रतिभा ग्लोबल स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर और कौटिल्य एजुकेशनल एकेडमी ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर सेन थॉम एकेडमी की डायरेक्टर श्रीमती हैंसी थॉमस, देवास सहोदय स्कूल्स की अध्यक्ष श्रीमती रीता सिंह, सीओई भोपाल ट्रेनिंग ग्रुप के जिला समन्वयक श्री वी. एस. जॉब तथा सेन थॉम एकेडमी के प्राचार्य श्री पुनीत उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना की और इसे भविष्य की शिक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया।
कार्यशाला शिक्षकों के लिए नवीन विचारों के आदान-प्रदान और उभरती शैक्षिक तकनीकों को समझने का एक प्रेरणादायक मंच बनी। विशेषज्ञों का मानना था कि कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विद्यालयी शिक्षा में प्रभावी एकीकरण विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

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