Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Recent Updates

6/recent/ticker-posts

अक्यूट चेस्ट पेन और जीआई सर्जरी पर आयुष विंग की सीएमई वर्कशॉप संपन्न

अक्यूट चेस्ट पेन और जीआई सर्जरी पर आयुष विंग की सीएमई वर्कशॉप संपन्न

देवास। शहर के ए.बी. रोड स्थित होटल अविरत इन में आयुष विंग के तत्वावधान में अक्यूट चेस्ट पेन एवं गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल (जीआई) सर्जरी विषय पर एक वैज्ञानिक सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें देवास के चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर विशेषज्ञों से आधुनिक चिकित्सा संबंधी नवीनतम जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिरीष अग्रवाल ने अक्यूट चेस्ट पेन की पहचान और उसके प्रारंभिक प्रबंधन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीने में होने वाले दर्द को केवल हृदय रोग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह फेफड़ों, मांसपेशियों अथवा अन्य कारणों से भी उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने चिकित्सकों को विभिन्न प्रकार के चेस्ट पेन के बीच अंतर करने की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि कई मामलों में ईसीजी सामान्य आने के बावजूद मरीज को मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) हो सकता है, इसलिए ऐसे मरीजों की समय रहते पहचान और उचित प्राइमरी मैनेजमेंट अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्राथमिक उपचार के दौरान आवश्यक दवाओं के चयन, उनकी प्राथमिकता तथा मरीज को कितनी शीघ्रता से कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ के पास रेफर किया जाना चाहिए, इस पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के दूसरे प्रमुख वक्ता वरिष्ठ गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. निकुंज जैन ने पेट दर्द से जुड़ी विभिन्न बीमारियों एवं उनके निदान पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पेट दर्द का कारण समान नहीं होता, इसलिए चिकित्सकों के लिए यह पहचानना बेहद महत्वपूर्ण है कि किस मरीज को केवल औषधीय उपचार पर्याप्त होगा, किसे तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है और किन परिस्थितियों में बिना विलंब सर्जरी की जानी चाहिए। उन्होंने अनेक व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समय पर सही निर्णय लेने के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयुष विंग के जिला अध्यक्ष डॉ. रईस कुरैशी एवं सचिव डॉ संतोष वर्मा ने अपोलो हॉस्पिटल से आए सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्कशॉप में साझा किए गए वैज्ञानिक अनुभव और चिकित्सकीय सुझाव प्रतिभागी डॉक्टरों की दैनिक चिकित्सा सेवा में उपयोगी सिद्ध होंगे तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में सहायक बनेंगे। अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया और सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर जिले भर के कई चिकित्सा उपस्थित थे। उक्त जानकारी आयुष विंग के मीडिया प्रभारी डॉ योगेंद्र तकझरे और डॉ कामिल खान ने दी।

Post a Comment

0 Comments

Join Our WhatsApp Group? for latest and breaking news updates...
Click here to join the group...