''खिलौने आधारित शिक्षण'' के लिए "Do-It-Yourself" कार्यशाला का आयोजन हुआ
देवास, 16 जुलाई 2026/ महिला बाल विकास विभाग द्वारा देवास शहरी परियोजना के सभाकक्ष में ''खिलौने आधारित शिक्षण'' के लिए "Do-It-Yourself" कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बताया कि कार्यशाला मुख्य उद्देश्य कबाड़ से जुगाड़ और स्थानीय सामग्री का उपयोग करके कम लागत वाले शैक्षिक खिलौने बनाना है, जिससे पढ़ाई को खेल-खेल में रोचक और आसान बनाया जा सके। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर द्वारा बताया गया कि घर और आंगनवांडी में आसानी से मिलने वाली बेकार वस्तुओं (जैसे- गत्ता, बेकार कागज़, पुरानी लकड़ी, और बीजों) का उपयोग करके आकर्षक और उपयोगी खिलौने बनाना है। बच्चों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना है। गणित, विज्ञान और भाषा जैसे कठिन विषयों को खिलौनों के माध्यम से सरल किया जा सकता है। खिलौना परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। कार्यशाला में पर्यवेक्षक एवं विभागीय अमला उपस्थित रहा। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री साबीर अहमद सिद्दीकी, परियोजना अधिकारी श्री मोहनलाल अहिरवार, पर्यवेक्षक, आंगनवाडी कार्यकर्ता उपस्थित थी।

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