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आंगनवाडी पदाधिकारियो ने आयुक्त से भोपाल में की मुलाकात

आंगनवाडी पदाधिकारियो ने आयुक्त से भोपाल में की मुलाकात

देवास। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के प्रदेश पदाधिकारी ने भोपाल आयुक्त निधि निवेदिता शुक्ला महिला बाल विकास विभाग से मिलकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओ से अवगत कराते हुए विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि
उपरोक्त विषय में कुछ समस्या है,, बच्चों के पंजीयन बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है, पोषण ट्रेकर में बच्चों के पंजीयन का कार्य निरंतर किया जा रहा है, लेकिन जनसंख्या अनुसार 10 प्रतिशत बच्चों का पजीयन किया जाए ऐसा आदेश है किंतु वर्तमान में जनसंख्या में बहुत बदलाव आ गया है। अविवाहित महिला पुरूषों की संख्या बढ़ना। एक ही संतान पर परिवार नियोजन अपनाना। अधिक उम्र में विवाह करना। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन करना। जनसंख्या में एसआईआर और विधानसभा की जनसंख्या अनुसार लक्ष्य दिया गया है। किंतु जमीनी स्तर पर वह संभव नहीं है। गांवों से पलायन करके शहरों में लोग बस गए है, किंतु समग्र आईडी निर्वाचन नामावली में नाम गांवों में ही दर्ज है लेकिन उनबे बच्चों के नाम पोषण ट्रेकर में दर्ज कर पाना संभव नहीं है क्योंकि उसके लिये बच्चो का भौतिक रूप से बच्चों की उपस्थिति आवश्यक है। क्योंकि उनका निरंतर वजन, लम्बाई एफआरएस करना होता है तो ऐसे बच्चों को जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं वही दर्ज करना होता है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका का एरियर का भुगतान किया जाए।
आंगनवाडी कार्यकर्ता द्वारा प्रतिवर्ष मार्च अप्रेल में सर्वे कर लिया जाता है और हर महीने पंजीयन भी किए जाते है। उदाहरण के लिए टोंकखुर्द परियोजना की जनसंख्या 130000 के लगभग है। 2012 के सर्वे अनुसार किंतु उसे 6 वर्ष के बच्चों का लक्ष्य 75000 के अनुसार दिया गया है उससे लक्ष्य पूर्ति संभव नहीं है। कांकर्ता अत्याधिक मानसिक दबाव मे है, बच्चे कहां से लाए। समग्र आईडी और आ.भा. के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है, किंतु माता पिता आधार कार्ड समय पर हीं बनवाते है। कुछ मामलों में नाबालिग गर्भवती महिलाओ के लिए भी कार्यकर्ता के मानदेय में कटौती की गई है किंतु ये ऐसे मामले है जहां आदिवासी समुदाय या घुमंतु समुदाय में भाग कर विवाह कर लिया और उनको छुपाकर रखा और कार्यकर्ताओं को कोई सूचना नहीं दी गई। वर्तमान में उक्त समस्या को नहीं सुना जा रहा है, शासन की मंशा है कि कोई भी बच्चा नहीं छूटे और हमारे द्वारा आंगनवाडी के सर्वे क्षेत्र में नियासरत किसी बच्चों को पंजीयन से वंचित नहीं किया गया है।
 निधि मैडम ने बहुत गंभीरता पूर्वक पदाधिकारियो की बातें सुनकर आश्वासन दिया की आंगनवाड़ी में वास्तविक बच्चे दर्ज करने एवं जिस क्षेत्र में बच्चे नहीं छूटे सर्वे करके उनकी एन ओ सी  परियोजना में जमा करने का निर्देश  जारी करने एवं आंगनवाड़ी संचालन को और बेहतर बनाने के लिए और क्या-क्या कर सकते हैं जिससे बच्चों की संख्या में वृद्धि ओर विकास हो एवं स्वास्थ्य पोषण एवं एवं बच्चों को आंगनवाड़ी सर्टिफिकेट के बाद स्कूल में एडमिशन  करवाए जाए ऐसी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री रंजना राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रानी सिंह, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रुक्मणी यादव, जिला महामंत्री स्नेह लता गौड, जिला अध्यक्ष उमा तिवारी, कोषाध्यक्ष संजना परसाई संभाग, अध्यक्ष जरीना खान आदि उपस्थित थीं।

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