पन्हाला से पावनखिंड की शौर्यगाथा ने देवास वासियों को किया मंत्रमुग्ध, भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन सफल
देवास। श्री शिव छत्रपति राजाभिषेक समारोह समिति, देवास द्वारा आयोजित भव्य ऐतिहासिक कार्यक्रम में “पन्हाला से पावनखिंड” विषय पर ‘गोष्ट इथे संपत नाही’ के प्रसिद्ध वक्ता श्री सारंग मांडके एवं श्री सारंग भोईरकर ने अपने ओजस्वी एवं प्रभावशाली वक्तव्य से उपस्थित दर्शकों को इतिहास के उस गौरवशाली अध्याय का सजीव अनुभव कराया।
कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता एवं स्वराज्य स्थापना के संघर्ष का विस्तृत वर्णन किया गया। विशेष रूप से बाजी प्रभु देशपांडे के अद्वितीय शौर्य, पन्हाला से महाराज के प्रस्थान तथा घोड़खिंड के ऐतिहासिक युद्ध को पावनखिंड में परिवर्तित करने वाली उस महान गाथा का अत्यंत प्रभावशाली एवं विस्तृत वर्णन किया गया। वक्ताओं ने इतिहास को केवल सुनाया ही नहीं, बल्कि अपने ओजपूर्ण प्रस्तुतीकरण से उपस्थित जनसमुदाय के समक्ष उस पूरे घटनाक्रम को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभागार में उपस्थित दर्शक पूरी तरह मंत्रमुग्ध और भावविभोर दिखाई दिए। वीरता, त्याग, स्वामिनिष्ठा और स्वराज्य के लिए प्राण न्योछावर करने वाले मावलों की गाथा ने वातावरण को भावनात्मक एवं रोमांचकारी बना दिया। कार्यक्रम को देवासवासियों की ओर से अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं सराहनीय प्रतिसाद प्राप्त हुआ।
अतिथियों का सम्मान संस्थापक श्री दिलीप सिंह जाधव, सचिव श्री कीर्ति चव्हाण एवं समिति की मातृ शक्तियों ने किया।
लंबे समय बाद देवास की धरती पर इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभावना से जुड़ा इतने उच्च स्तर का गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावशाली कार्यक्रम देखने को मिला, जिसकी उपस्थित नागरिकों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती राधिका जाधव एवं श्रीमती पल्लवी जाधव द्वारा प्रभावी एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया गया जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा।
श्री शिव छत्रपति राजाभिषेक समारोह समिति, देवास द्वारा आयोजित इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इतिहास केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, स्वाभिमान और राष्ट्रचेतना का स्रोत है।
देवास वासियों ने ऐसे ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

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