द हिमालय एकेडमी, राधागंज, देवास में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर का भव्य आयोजन
देवास:द हिमालय एकेडमी, राधागंज, देवास में आज दिनांक 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला देवास के तत्वावधान में एक विधिक साक्षरता एवं जन-जागरूकता शिविर का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता का विकास करना, उन्हें संविधान प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों से परिचित कराना तथा आधुनिक समय में बढ़ते साइबर अपराधों एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री युवराज सिंह जी, सिविल जज, देवास रहे। विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया।
अपने अत्यंत प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक उद्बोधन में माननीय श्री युवराज सिंह जी ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रत्येक नागरिक के लिए कानून का ज्ञान उतना ही आवश्यक है जितना कि सामान्य शिक्षा। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारीपूर्वक पालन करना सिखाती है। एक जागरूक नागरिक ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है।
उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाना तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन चलाना कानूनन अपराध है, जिसके लिए वाहन चालक के साथ-साथ अभिभावकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने तथा सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संदेश दिया।
शिविर के दौरान उन्होंने साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी वेबसाइट, नकली सोशल मीडिया अकाउंट, फिशिंग लिंक, डिजिटल पेमेंट फ्रॉड, ओटीपी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम पिन, बैंक खाता विवरण अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा सोशल मीडिया का उपयोग सदैव जिम्मेदारी एवं सावधानी के साथ करें। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी के साथ साइबर अपराध घटित हो, तो तत्काल संबंधित प्राधिकरण अथवा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न कानूनी एवं सामाजिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका माननीय श्री युवराज सिंह जी ने अत्यंत सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान प्रस्तुत किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों में कानून के प्रति रुचि एवं जागरूकता का प्रभावी वातावरण निर्मित किया।
अपने उद्बोधन के अंतिम चरण में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence – AI) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है। शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, कृषि, उद्योग, विज्ञान, अनुसंधान, बैंकिंग तथा प्रशासन सहित लगभग प्रत्येक क्षेत्र में एआई का उपयोग निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों को सीखें, उनका रचनात्मक एवं नैतिक उपयोग करें तथा तकनीक को मानव कल्याण का माध्यम बनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक जितनी शक्तिशाली होती जा रही है, उतनी ही आवश्यक उसकी जिम्मेदारीपूर्ण एवं सुरक्षित उपयोग की समझ भी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा माननीय श्री युवराज सिंह जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जागरूक नागरिक निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम में अत्यंत उत्साह एवं अनुशासन के साथ सहभागिता की तथा प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ, विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

0 Comments