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नगर निगम देवास की परिषद टीम ने उदयपुर शहर की जानी कचरा प्रबंधन व्यवस्था

नगर निगम देवास की परिषद टीम ने उदयपुर शहर की जानी कचरा प्रबंधन व्यवस्था
देवास। शहर को स्वच्छ बनाए रखने एवं कचरा प्रबंधन प्रणाली को मज़बूत बनाने के उद्येश्य से माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 जारी किए गए है जिन्हें संपूर्ण देश में 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत कचरा संग्रहण, पृथकीकरण एवं कचरे के प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम देवास द्वारा भी शहर से उत्सर्जित हो रहे है कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। निगम द्वारा किए जा रहे कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन की प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने के उद्येश्य से देवास नगर निगम की परिषद् टीम द्वारा उदयपुर नगर निगम में बने आधुनिक कचरा प्रबंधन प्लांट का भ्रमण किया गया।  
उदयपुर में 20 टीडीपी क्षमता का बायो गैस प्लांट का भ्रमण परिषद दल द्वारा किया जहां उदयपुर द्वारा शहर से उत्सर्जित हो रहे गीले कचरे को अनएरोबिक विधि जिसमें ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में कचरे को डिकमोस्ड किया जाता है। जिसके पश्चात एक निश्चित साइकिल चक्र में कचरा धीरे धीरे डीकम्पोस्ट होना प्रारंभ कर देता है और बायो गैस बन जाती है। बायो गैस में मीथेन गैस होती है जिसका उपयोग अन्य मशीनीकृत माध्यम से ऊर्जा उत्सर्जन में किया जा रहा है। साथ ही 2 टीडीपी क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का भ्रमण परिषद दल द्वारा किया गया।
कचरा प्रबंधन की व्यवस्था के साथ साथ पर्यटक स्थल पर भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है इसकी व्यवस्थाओं और उदयपुर द्वारा पर्यटक स्थल पर भीड़ को नियंत्रण करने के लिए क्या उपाय एवं आश्यक व्यवस्था की जाती है उसकी कार्ययोजना के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
उदयपुर नगर निगम द्वारा झीलों के पानी को स्वच्छ बनाए रखने हेतु शहर में नवाचार किए गए है। झीलों के पानी को स्वच्छ बनाए रखने एवं उपरोक्त पानी का आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जाता है। उदयपुर द्वारा किए जा रहे इस नवाचार का भ्रमण परिषद दल द्वारा किया गया। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं संचालनकर्ता एजेंसी के साथ इस प्रोजेक्ट पर विस्तृत चर्चा की गई। भविष्य में यह तकनीक देवास में भी अपनाई जाएगी जिस से शहर में बनी समस्त जलीय संरचनाओं के पानी को स्वच्छ बनाए जाने एवं आवश्यकता पड़ने पर स्वच्छ पानी का उपयोग किया जा सके। नवीन नियम के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन को सशक्त बनाने और देवास में आधुनिक तकनीक से कचरे के प्रबंधन करने के उद्देश्य से अन्य शहर द्वारा किए जा रहे नवाचार का भ्रमण कर भविष्य में देवास में आधुनिक प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उक्त जानकारी निगम स्वास्थ्य अधिकारी सौरभ त्रिपाठी के द्वारा दी गई।

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