परसाई ने सिखाया - अन्याय पर चुप नहीं, कलम में धार जरूरी : प्रलेस गोष्ठी में प्रांतीय सचिव मलैया का वक्तव्य
देवास, 24 अगस्त 2026 : प्रगतिशील लेखक संघ देवास इकाई द्वारा व्यंग्य सम्राट श्री हरिशंकर परसाई के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में सागर से पधारे प्रलेस के प्रांतीय सचिव मंडल सदस्य श्री पी. आर. मलैया ने प्रमुख वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि परसाई जी ने साहित्यकारों को परिवेश का सूक्ष्म निरीक्षण करने, असुंदर के कारण को पहचानकर सुंदर की ओर बढ़ने, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में अमानवीयता को उजागर करने की सीख दी। वे सच को पूरी तीक्ष्णता से लिखते थे, इसलिए उन पर हमला भी हुआ, लेकिन उन्होंने जीवनभर कलम की धार को भोथरा नहीं होने दिया।
गोष्ठी में श्री बहादुर पटेल, श्री संदीप नायक, श्री संजय मालवीय और प्राचार्य श्री एफ. बी. मानेकर ने परसाई जी के कृतित्व पर प्रकाश डाला। श्रीमती प्रतिभा कुमार, श्री राजेन्द्र चौधरी, डॉ. इकबाल मोदी और श्री मलैया* ने जनसरोकार से जुड़ी कविताओं का पाठ किया।
कार्यक्रम में प्राचार्य एस. एल. परमार, डॉ. प्रकाश कांत, श्री मांगीलाल कजोड़िया, श्री सत्यवान पाटिल, श्री ओमप्रकाश श्रीवास, कॉमरेड बाबूलाल वागड़े, श्री जगदीश प्रसाद सिंदल आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रलेस अध्यक्ष श्री कैलाश सिंह राजपूत ने किया और आभार सचिव श्रीमती प्रतिभा कुमार* ने माना।

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