हाथों में मशाल, दिल में शिवाजी का शौर्य... देवास में गरुड़झेप यात्रा का भव्य स्वागत,,
आगरा से राजगढ़ जा रही गरुड़झेप मशाल यात्रा देवास पहुंची
देवास। छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से निकलने की ऐतिहासिक स्मृति एवं उनके अदम्य साहस और चातुर्य को नमन करते हुए निकाली जा रही गरुड़झेप मशाल यात्रा शुक्रवार को देवास पहुंची। क्षत्रिय मराठा समाज पब्लिक ट्रस्ट देवास की ओर से 21 अगस्त की शाम 6 बजे भोपाल चौराहा पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान समाजजन हाथों में मशाल लेकर शामिल हुए, वहीं बच्चों ने पारंपरिक करतब एवं उत्साहपूर्ण प्रदर्शन कर वातावरण को शिवाजी महाराज के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। समन्वय अध्यक्ष उमेश निम्बालकर ने बताया कि 17 अगस्त 2026 को आगरा किले से प्रारंभ हुई यह ऐतिहासिक यात्रा महाराष्ट्र के राजगढ़ तक करीब 1,253 किलोमीटर का सफर तय कर रही है। यात्रा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगी। इसमें बड़ी संख्या में धावक, साइकिल सवार तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के वंशज भी सहभागिता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगरा से शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक ‘गरुड़झेप’ प्रसंग की स्मृति को जन-जन तक पहुंचाने और उनके पराक्रम, रणनीति एवं राष्ट्रभक्ति से समाज को प्रेरणा देने के उद्देश्य से यात्रा का आयोजन किया गया है। देवास में यात्रा के पहुंचने पर समाजजनों ने उत्साह के साथ मावलों का स्वागत किया। आयोजन में ट्रस्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद जाधव, चंद्रकांत जगताप, माधवराव डम डरे, गजानन देशमुख, हिमांशु राजोले, शंकर भोले, मधुकर राव, विहिप जिलाध्यक्ष संदीप चौबे, विहिप जिलामंत्री विजय पांचाल, जैनेन्द्र सिंह पंवार, रवि सिंह पंवार एवं साधना काले सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। संचालन अमित राव पवार ने किया। आभार समाज अध्यक्ष सुभाष शिंदे ने माना।

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