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अमलतास इंस्टीट्यूट में मनाया 'विश्व स्तनपान सप्ताह', स्तनपान के महत्व पर दिया जोर

अमलतास इंस्टीट्यूट में मनाया 'विश्व स्तनपान सप्ताह', स्तनपान के महत्व पर दिया जोर
 
देवास : अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेस द्वारा अस्पताल परिसर में 'विश्व स्तनपान सप्ताह' का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम _"Prioritize Breastfeeding: Create Sustainable Support Systems"_ रही। आयोजन का उद्देश्य नवजात शिशुओं के सर्वांगीण विकास के लिए माँ के दूध के महत्व और माँ-बच्चे दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।
  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यू.एस. विदेशी सेवा के क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश व्यास उपस्थित रहे।
अमलतास नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता तिवारी ने कहा कि स्तनपान नवजात शिशु के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। माँ का दूध बच्चे को संपूर्ण पोषण के साथ-साथ गंभीर बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता देता है।
कार्यक्रम के दौरान _'Healthy Mothers, Healthy Babies, Stronger Future'_ के संदेश के साथ नर्सिंग छात्र-छात्राओं एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्तनपान के प्रति सकारात्मक और सहयोगी वातावरण बनाने का संकल्प लिया।
   इस अवसर पर अमलतास विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. आर.के. सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. अभय गुप्ता, कॉलेज डीन डॉ. ए.के. पीठवा, डीन मेनेजमेंट डॉ. आस्था नागर, सभी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. स्नेहा सहाय, डॉ. नीलम खान, डॉ. अनीता घोडके, डॉ. योगेन्द्र भदौरिया, डॉ. पिटर, डॉ. मोहसिन खान सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संस्थान के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने कहा कि माँ का दूध नवजात शिशु के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है। एक स्वस्थ बच्चे से ही सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण होता है। अमलतास संस्थान स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज को बेहतर सेवाएं और सही मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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